रायपुर में स्मार्ट मीटर के विरोध में कांग्रेस का प्रदर्शन, बढ़े बिजली बिलों और मीटर हटाने की उठाई मांग

रायपुर के राजीव गांधी चौक पर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने स्मार्ट मीटर के विरोध में धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान स्मार्ट मीटर हटाने, बढ़े बिजली बिलों की जांच कराने और पुराने मीटर पुनः लगाने की मांग की गई। नेताओं ने सरकार पर जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने का आरोप लगाया।

Jul 28, 2026 - 14:24
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रायपुर में स्मार्ट मीटर के विरोध में कांग्रेस का प्रदर्शन, बढ़े बिजली बिलों और मीटर हटाने की उठाई मांग

UNITED NEWS OF ASIA. हसीब अख्तर, रायपुर l रायपुर में स्मार्ट मीटर लगाए जाने के विरोध में छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने राजीव गांधी चौक पर एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन आयोजित किया। प्रदर्शन का नेतृत्व कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री कन्हैया अग्रवाल तथा असंगठित क्षेत्र समस्या निवारण प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष मोहम्मद सिद्दीक ने किया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक शामिल हुए।

धरने के दौरान प्रदर्शनकारियों ने स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया को तत्काल रोकने, पहले से लगाए गए स्मार्ट मीटर हटाने तथा बढ़े हुए बिजली बिलों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। प्रदर्शन स्थल पर पुराने बिजली मीटर को प्रतीकात्मक रूप से सजाकर उसकी आरती उतारी गई और उसे दोबारा स्थापित करने की प्रार्थना की गई। इस अनोखे प्रदर्शन का उद्देश्य पुराने मीटरों की वापसी की मांग को प्रतीकात्मक रूप से प्रस्तुत करना था।

कन्हैया अग्रवाल ने आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर लागू होने के बाद आम उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है, जिससे मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों पर आर्थिक दबाव बढ़ा है। उन्होंने कहा कि सरकार को इस व्यवस्था की समीक्षा कर बढ़े हुए बिजली बिलों की जांच करानी चाहिए और उपभोक्ताओं को राहत प्रदान करनी चाहिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर व्यवस्था के माध्यम से बिजली क्षेत्र में निजीकरण को बढ़ावा दिया जा रहा है।

पूर्व महापौर एजाज ढेबर ने अपने संबोधन में कहा कि सरकार एक ओर विभिन्न योजनाओं के माध्यम से आर्थिक सहायता देने की बात करती है, वहीं दूसरी ओर बिजली बिलों के माध्यम से आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर के कारण उपभोक्ताओं को अधिक भुगतान करना पड़ रहा है और सरकार को इस विषय पर स्पष्ट जवाब देना चाहिए।

मोहम्मद सिद्दीक ने कहा कि प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में स्मार्ट मीटर को लेकर लोगों में असंतोष बढ़ रहा है। उनका कहना था कि यदि सरकार ने जनता की मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि कई स्थानों पर उपभोक्ताओं की सहमति के बिना स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं, जिसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

धरना-प्रदर्शन में कई अन्य कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भी हिस्सा लिया। वक्ताओं ने सरकार से मांग की कि बिजली उपभोक्ताओं की समस्याओं को गंभीरता से सुना जाए, स्मार्ट मीटर व्यवस्था की समीक्षा की जाए और बढ़े हुए बिजली बिलों से प्रभावित उपभोक्ताओं को राहत दी जाए।

कार्यक्रम में विभिन्न कांग्रेस पदाधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और बड़ी संख्या में नागरिकों की उपस्थिति रही। प्रदर्शन के दौरान शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांगें रखी गईं और प्रशासन के माध्यम से सरकार तक ज्ञापन पहुंचाने की बात कही गई।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं होती है तो भविष्य में भी लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन जारी रखा जाएगा। उन्होंने बिजली उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा और पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग दोहराई।