भारतीय सेना में ‘बस्तर रेजिमेंट’ गठन की मांग, गृह मंत्री विजय शर्मा ने रक्षा मंत्री को लिखा पत्र
उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने केंद्र सरकार से भारतीय सेना में ‘बस्तर रेजिमेंट’ के गठन की मांग की है। रक्षा मंत्री को लिखे पत्र में उन्होंने बस्तर के युवाओं की वीरता, जंगलों की भौगोलिक समझ और नक्सल विरोधी परिस्थितियों के अनुभव का उल्लेख करते हुए इसे राष्ट्रीय सुरक्षा और क्षेत्रीय विकास के लिए महत्वपूर्ण पहल बताया है।
UNITED NEWS OF ASIA. महेश राव, बस्तर l छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने केंद्र सरकार से भारतीय सेना में ‘बस्तर रेजिमेंट’ के गठन की मांग की है। इस संबंध में रक्षा मंत्री को पत्र लिखकर उन्होंने बस्तर के युवाओं की वीरता, साहस और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में कार्य करने की क्षमता को देश की सुरक्षा व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण बताया है। उनका कहना है कि बस्तर के युवाओं के अनुभव और कौशल का उपयोग राष्ट्रीय सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ बनाने में किया जा सकता है।
पत्र में उल्लेख किया गया है कि आदिवासी बहुल बस्तर संभाग लंबे समय से नक्सल प्रभावित क्षेत्र रहा है। यहां के युवाओं ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में साहस और धैर्य का परिचय दिया है। क्षेत्र के जंगलों, पहाड़ी इलाकों और कठिन भूगोल की उनकी गहरी समझ उन्हें विशेष परिस्थितियों में कार्य करने के लिए सक्षम बनाती है। गृह मंत्री का मानना है कि इन विशेषताओं का लाभ भारतीय सेना को भी मिल सकता है।
पत्र के अनुसार, ‘बस्तर रेजिमेंट’ का गठन केवल सैन्य दृष्टि से ही नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है। इससे क्षेत्र के युवाओं को राष्ट्र सेवा का सम्मानजनक अवसर मिलेगा और उनमें अनुशासन, आत्मविश्वास तथा देशभक्ति की भावना और अधिक मजबूत होगी।
गृह मंत्री ने अपने प्रस्ताव में यह भी कहा कि रेजिमेंट बनने से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर खुलेंगे। इससे बस्तर के सामाजिक और आर्थिक विकास को गति मिलेगी तथा युवाओं को सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने का अवसर प्राप्त होगा। उनका मानना है कि रोजगार और राष्ट्र सेवा के अवसर बढ़ने से क्षेत्र में स्थायी शांति और विकास को भी बल मिलेगा।
पत्र में राष्ट्रीय सुरक्षा के संदर्भ में यह भी उल्लेख किया गया है कि जंगल आधारित अभियानों और विषम परिस्थितियों में कार्य करने का स्थानीय अनुभव सेना के लिए उपयोगी साबित हो सकता है। ऐसे में बस्तर के युवाओं की भागीदारी देश की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने में योगदान दे सकती है।
गृह मंत्री विजय शर्मा ने केंद्र सरकार से इस प्रस्ताव पर सकारात्मक विचार करने का आग्रह करते हुए विश्वास व्यक्त किया है कि यदि भारतीय सेना में ‘बस्तर रेजिमेंट’ का गठन होता है, तो यह राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ-साथ बस्तर के समग्र विकास के लिए भी ऐतिहासिक पहल साबित होगी।
हालांकि, भारतीय सेना में ‘बस्तर रेजिमेंट’ का गठन फिलहाल एक प्रस्ताव है। इस संबंध में अंतिम निर्णय केंद्र सरकार और रक्षा मंत्रालय द्वारा लिया जाना है। यदि इस प्रस्ताव को स्वीकृति मिलती है, तो इससे बस्तर के युवाओं को सेना में योगदान देने के नए अवसर मिल सकते हैं और क्षेत्र के विकास को भी नई दिशा मिल सकती है।