10 अगस्त को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस, जिले के 3.98 लाख बच्चों को खिलाई जाएगी एलबेंडाजोल दवा

कवर्धा जिले में 10 अगस्त को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस मनाया जाएगा। अभियान के तहत 1 से 19 वर्ष तक के 3.98 लाख बच्चों और किशोर-किशोरियों को स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में निःशुल्क एलबेंडाजोल की खुराक दी जाएगी। कलेक्टर गोपाल वर्मा ने सभी विभागों को समन्वय के साथ शत-प्रतिशत लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए हैं।

Aug 7, 2026 - 17:40
 0  2
10 अगस्त को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस, जिले के 3.98 लाख बच्चों को खिलाई जाएगी एलबेंडाजोल दवा

UNITED NEWS OF ASIA. कवर्धा जिले में 10 अगस्त को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के अवसर पर बड़े स्तर पर कृमि नियंत्रण अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के तहत जिले के 1 से 19 वर्ष तक के लगभग 3 लाख 98 हजार 980 बच्चों एवं किशोर-किशोरियों को सरकारी और निजी विद्यालयों तथा आंगनबाड़ी केंद्रों में निःशुल्क एलबेंडाजोल की दवा खिलाई जाएगी। जिन बच्चे 10 अगस्त को किसी कारणवश दवा नहीं ले पाएंगे, उन्हें 17 अगस्त को आयोजित मॉप-अप दिवस पर दवा उपलब्ध कराई जाएगी।

अभियान की तैयारियों को लेकर कलेक्टर गोपाल वर्मा की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ अभियान को सफल बनाने और शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि बच्चों में कुपोषण की रोकथाम तथा उनके बेहतर शारीरिक और मानसिक विकास के लिए कृमि मुक्ति अभियान अत्यंत महत्वपूर्ण है।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि जिले में कुल 3,98,980 बच्चों को एलबेंडाजोल की खुराक देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। एक से दो वर्ष तक के बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्रों में 400 मिलीग्राम एलबेंडाजोल की आधी गोली पीसकर स्वच्छ पानी में घोलकर पिलाई जाएगी। वहीं दो से 19 वर्ष तक के बच्चों और किशोरों को एक पूरी गोली चबाकर खाने के लिए दी जाएगी। जो बच्चे विद्यालय नहीं जाते हैं, उन्हें भी आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से दवा उपलब्ध कराई जाएगी।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अभियान के सफल संचालन के लिए शिक्षकों, मितानिनों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और स्वास्थ्य कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। अभियान में शिक्षा विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग की भी महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी, ताकि कोई भी पात्र बच्चा दवा लेने से वंचित न रहे।

विशेषज्ञों के अनुसार एलबेंडाजोल पूरी तरह सुरक्षित दवा है। यह पेट में मौजूद कृमियों को समाप्त करने में प्रभावी होती है। कुछ बच्चों में दवा लेने के बाद हल्का पेट दर्द, जी मिचलाना या उल्टी जैसी सामान्य और अस्थायी शिकायतें हो सकती हैं, जो थोड़े समय में स्वतः ठीक हो जाती हैं। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि स्वस्थ दिखने वाले बच्चों को भी यह दवा दी जानी चाहिए, क्योंकि कृमि संक्रमण कई बार लंबे समय तक बिना किसी स्पष्ट लक्षण के बना रहता है।

कृमि संक्रमण से बचाव के लिए स्वच्छता अपनाना भी बेहद आवश्यक है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से खुले में शौच नहीं करने, भोजन से पहले और शौच के बाद साबुन से हाथ धोने, फल और सब्जियों को अच्छी तरह साफ कर खाने, नाखून छोटे और साफ रखने, स्वच्छ पानी पीने तथा नंगे पैर बाहर नहीं चलने की सलाह दी है।

कलेक्टर गोपाल वर्मा ने जिले के सभी अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों को 10 अगस्त या मॉप-अप दिवस पर अनिवार्य रूप से एलबेंडाजोल की दवा दिलाएं। उन्होंने कहा कि कृमि मुक्त बच्चे अधिक स्वस्थ रहते हैं, उनमें खून की कमी कम होती है, भूख बेहतर लगती है, पढ़ाई में रुचि बढ़ती है और उनका शारीरिक तथा मानसिक विकास बेहतर होता है। यह अभियान बच्चों के स्वस्थ भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।