मुंबई से गिरफ्तार हुआ फरार आरोपी पलटू दास, जशपुर पुलिस ने हथियार और नक्सल कनेक्शन की जांच तेज की

जशपुर पुलिस ने हथियारों के बल पर जंगल में लोगों को डराकर अवैध वसूली करने के मामले में फरार आरोपी पलटू दास को मुंबई से गिरफ्तार किया है। आरोपी घटना के बाद से फरार था और तकनीकी इनपुट व साइबर ट्रैकिंग के आधार पर उसकी गिरफ्तारी की गई। पुलिस के अनुसार, आरोपी का नक्सली संगठन से पूर्व संबंध होने की भी जानकारी सामने आई है। मामले की जांच जारी है।

Aug 7, 2026 - 17:37
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मुंबई से गिरफ्तार हुआ फरार आरोपी पलटू दास, जशपुर पुलिस ने हथियार और नक्सल कनेक्शन की जांच तेज की

UNITED NEWS OF ASIA. योगेश यादव, जशपुर l जशपुर पुलिस ने अवैध हथियारों के साथ जंगल में लोगों को डराकर वसूली करने के मामले में फरार चल रहे आरोपी पलटू दास को मुंबई से गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस के अनुसार आरोपी घटना के बाद से लगातार फरार था और अपनी पहचान छिपाकर मुंबई में रह रहा था। तकनीकी इनपुट और साइबर ट्रैकिंग की मदद से उसकी लोकेशन का पता लगाया गया, जिसके बाद विशेष टीम ने मुंबई पहुंचकर उसे गिरफ्तार किया और जशपुर लाया।

पुलिस के अनुसार यह मामला 11 जून 2026 का है, जब सिटी कोतवाली जशपुर को सूचना मिली थी कि बूमतेल सरनाटोली जंगल में दो सशस्त्र व्यक्ति लोगों को हथियार दिखाकर डरा रहे हैं और उनसे पैसों की मांग कर रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और सर्च ऑपरेशन शुरू किया। हालांकि पुलिस की मौजूदगी का आभास होते ही दोनों आरोपी जंगल का फायदा उठाकर फरार हो गए।

सर्च अभियान के दौरान पुलिस ने घटनास्थल से एक इंसास रायफल, एक कंट्री मेड रायफल, एक देसी कट्टा, जिंदा कारतूस और अन्य सामान बरामद किया। बरामद हथियारों और सामग्री के आधार पर पुलिस ने आर्म्स एक्ट सहित अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों की पहचान हृदय साहू और पलटू दास के रूप में की। पुलिस ने पहले हृदय साहू को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया था, जबकि पलटू दास लगातार फरार चल रहा था। उसकी तलाश के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे थे।

जशपुर पुलिस को तकनीकी इनपुट और साइबर ट्रैकिंग के जरिए जानकारी मिली कि पलटू दास मुंबई में छिपा हुआ है। इसके बाद पुलिस की विशेष टीम मुंबई रवाना हुई और स्थानीय स्तर पर कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे जशपुर लाया गया।

पुलिस पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने अपने साथी के साथ मिलकर हथियारों के बल पर लोगों को डराकर अवैध वसूली की थी। पुलिस के अनुसार प्रारंभिक जांच में यह तथ्य भी सामने आया है कि आरोपी का पहले नक्सली संगठन से संबंध रहा है। इस पहलू को भी जांच में शामिल किया गया है और उसके पुराने संपर्कों तथा गतिविधियों की पड़ताल की जा रही है।

फिलहाल पुलिस ने आरोपी को रिमांड पर लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि आरोपी के पास बरामद हथियार कहां से आए, उसके साथ और कौन-कौन लोग जुड़े हुए थे तथा क्या इस मामले के तार किसी बड़े नेटवर्क से जुड़े हैं।

इस पूरे मामले की जानकारी देते हुए पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह ने बताया कि फरार आरोपी की गिरफ्तारी पुलिस के लिए महत्वपूर्ण सफलता है। उन्होंने कहा कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।