‘सुघ्घर छत्तीसगढ़’ पोर्टल के उन्नयन पर अधिकारियों को प्रशिक्षण, 31 योजनाओं की मॉनिटरिंग होगी ऑनलाइन

कवर्धा में ‘सुघ्घर छत्तीसगढ़’ पोर्टल के उन्नयन को लेकर जिला एवं विकासखंड स्तरीय अधिकारियों के लिए ऑनलाइन प्रशिक्षण आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में 31 हितग्राहीमूलक योजनाओं के संतृप्तिकरण, डेटा प्रविष्टि, सत्यापन और ऑनलाइन मॉनिटरिंग की प्रक्रिया की जानकारी दी गई। अधिकारियों को समय-सीमा में पोर्टल अपडेट कर पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए गए।

Aug 7, 2026 - 17:42
 0  3
‘सुघ्घर छत्तीसगढ़’ पोर्टल के उन्नयन पर अधिकारियों को प्रशिक्षण, 31 योजनाओं की मॉनिटरिंग होगी ऑनलाइन

UNITED NEWS OF ASIA. कवर्धा जिले में ‘सुघ्घर छत्तीसगढ़’ पोर्टल के उन्नयन और प्रभावी संचालन को लेकर जिला स्तरीय ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के निर्देशानुसार जिला कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित इस प्रशिक्षण में विभिन्न विभागों के जिला एवं विकासखंड स्तरीय अधिकारियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भाग लिया। प्रशिक्षण का उद्देश्य पोर्टल के माध्यम से संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं की बेहतर मॉनिटरिंग, डेटा प्रबंधन और हितग्राहियों तक योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ सुनिश्चित करना था।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में अधिकारियों को ‘सुघ्घर छत्तीसगढ़’ अभियान के तहत चयनित 31 हितग्राहीमूलक योजनाओं के संतृप्तिकरण की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही पोर्टल पर डेटा प्रविष्टि, लाभार्थियों का सत्यापन, ऑनलाइन मॉनिटरिंग और योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया को विस्तार से समझाया गया। अधिकारियों को पोर्टल के प्रभावी उपयोग और निर्धारित समय-सीमा के भीतर जानकारी अद्यतन करने के लिए आवश्यक तकनीकी प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया।

प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि इस पोर्टल के माध्यम से विभिन्न विभागों की प्रमुख जनकल्याणकारी योजनाओं का एकीकृत प्रबंधन किया जाएगा। इनमें प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, जल जीवन मिशन, आयुष्मान भारत योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, किसान क्रेडिट कार्ड, महतारी वंदन योजना, ई-श्रम कार्ड, आधार कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र सहित कुल 31 योजनाएं शामिल हैं। इन योजनाओं के पात्र हितग्राहियों का संतृप्तिकरण सुनिश्चित करने के लिए सभी विभागों को समन्वित रूप से कार्य करने के निर्देश दिए गए।

प्रशिक्षण में अधिकारियों को यह भी बताया गया कि पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी के आधार पर योजनाओं की प्रगति की नियमित समीक्षा की जाएगी। इससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि कोई भी पात्र हितग्राही सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। साथ ही विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और गति लाई जा सकेगी।

कलेक्टर गोपाल वर्मा के निर्देशानुसार सभी संबंधित विभागों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पोर्टल पर आवश्यक जानकारी अद्यतन करने और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिम्मेदारी के साथ कार्य करने को कहा गया। अधिकारियों से अपेक्षा की गई कि वे अपने-अपने विभागों के आंकड़ों का नियमित सत्यापन करें और लाभार्थियों की जानकारी समय पर पोर्टल में दर्ज करें।

प्रशिक्षण सत्र के दौरान अधिकारियों की तकनीकी और प्रशासनिक शंकाओं का समाधान भी किया गया। विशेषज्ञों ने पोर्टल के संचालन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से जानकारी देते हुए डेटा की शुद्धता और समयबद्ध अपडेट के महत्व पर जोर दिया। प्रशिक्षण में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिषेक अग्रवाल, अपर कलेक्टर नरेन्द्र पैकरा सहित जिला और विकासखंड स्तर के विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

जिला प्रशासन का मानना है कि ‘सुघ्घर छत्तीसगढ़’ पोर्टल के प्रभावी संचालन से शासन की योजनाओं की निगरानी अधिक सुदृढ़ होगी, पात्र हितग्राहियों की पहचान आसान बनेगी और योजनाओं का लाभ समय पर जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। यह पहल डिजिटल प्रशासन और सुशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।