सड़क हादसे में घायल व्यक्ति की समय पर बची जान, अधिकार मित्र अंजनी यादव ने दिखाई मानवता

एमसीबी जिले के झगड़ाखांड क्षेत्र में सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल एक अज्ञात व्यक्ति की समय रहते मदद कर उसकी जान बचाने का प्रयास किया गया। अधिकार मित्र अंजनी यादव ने घायल को देखकर तुरंत पुलिस और डायल-112 को सूचना दी तथा राहगीरों की मदद से राहत पहुंचाने की पहल की। स्थानीय लोगों ने उनके मानवीय कार्य की सराहना की।

Aug 7, 2026 - 17:56
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सड़क हादसे में घायल व्यक्ति की समय पर बची जान, अधिकार मित्र अंजनी यादव ने दिखाई मानवता

UNITED NEWS OF ASIA. जमील अंसारी, कोरिया l एमसीबी जिले के झगड़ाखांड क्षेत्र में मानवता और संवेदनशीलता की मिसाल पेश करने वाली एक घटना सामने आई है। सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल एक व्यक्ति को समय पर सहायता उपलब्ध कराने में अधिकार मित्र अंजनी यादव की सक्रियता ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी तत्परता के कारण घायल को तत्काल पुलिस और आपातकालीन सहायता उपलब्ध कराई जा सकी।

जानकारी के अनुसार, 7 अगस्त 2026 को अंजनी यादव शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला धवलपुर एवं चौकी कोडा में आयोजित विधिक सहायता शिविर में शामिल होने के बाद वापस लौट रहे थे। इसी दौरान लेदरी से थाना झगड़ाखांड की ओर लगभग तीन किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत नारायणपुर स्थित नऊवा नाला के पास सड़क किनारे एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल अवस्था में दिखाई दिया।

प्रत्यक्ष रूप से देखने पर घायल व्यक्ति सड़क किनारे सिर के बल गिरा हुआ था। उसके सिर और नाक से लगातार खून बह रहा था तथा उसकी मोटरसाइकिल भी उसके ऊपर गिरी हुई थी। घटना की स्थिति को देखकर प्रथम दृष्टया यह सड़क दुर्घटना का मामला प्रतीत हुआ। घायल की हालत गंभीर होने के कारण तत्काल मदद की आवश्यकता थी।

परिस्थिति की गंभीरता को समझते हुए अंजनी यादव ने बिना समय गंवाए थाना झगड़ाखांड में पदस्थ एसआई मंचनराम को फोन कर घटना की जानकारी दी। इसके साथ ही उन्होंने डायल-112 आपातकालीन सेवा पर भी संपर्क कर तत्काल एम्बुलेंस और पुलिस सहायता उपलब्ध कराने का अनुरोध किया।

जब तक पुलिस और सहायता दल मौके पर पहुंचते, तब तक अंजनी यादव ने सड़क से गुजर रहे लोगों से रुककर घायल की मदद करने की अपील की। उनकी अपील पर दो राहगीरों ने भी सहयोग किया और घायल की सहायता में हाथ बंटाया। कुछ समय बाद वहां पहुंचे एक अन्य व्यक्ति ने घायल की पहचान होने की जानकारी देते हुए उसके परिजनों को सूचना देने की जिम्मेदारी संभाली।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते घायल व्यक्ति को सहायता नहीं मिलती, तो उसकी स्थिति और गंभीर हो सकती थी। अधिकार मित्र की सतर्कता, त्वरित निर्णय और मानवीय संवेदनशीलता ने दुर्घटना के बाद राहत कार्य शुरू कराने में अहम भूमिका निभाई।

विधिक सहायता से जुड़े दायित्व निभाने के साथ-साथ अंजनी यादव ने मानवीय कर्तव्य का भी परिचय दिया। उन्होंने यह साबित किया कि आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई और सामाजिक जिम्मेदारी किसी भी व्यक्ति की जान बचाने में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

घटना के बाद स्थानीय लोगों ने अंजनी यादव के इस सराहनीय कार्य की प्रशंसा करते हुए कहा कि सड़क दुर्घटनाओं के दौरान अक्सर लोग मदद करने से हिचकिचाते हैं, लेकिन इस मामले में उन्होंने बिना किसी संकोच के आगे बढ़कर घायल की सहायता की और संबंधित विभागों को तुरंत सूचना देकर मानवीय मूल्यों का परिचय दिया।

यह घटना समाज के लिए एक सकारात्मक संदेश भी देती है कि दुर्घटना के समय घायलों की तत्काल सहायता करना और पुलिस व आपातकालीन सेवाओं को सूचना देना प्रत्येक नागरिक की नैतिक जिम्मेदारी है। समय पर उठाया गया एक छोटा कदम किसी की जान बचाने में निर्णायक साबित हो सकता है।