टाटामारी में हरेली त्योहार पर फूड फेस्टिवल का आयोजन, कायाकिंग और म्यूजियम का शुभारंभ

कोंडागांव जिले के केशकाल स्थित इको पर्यटन केंद्र टाटामारी में हरेली पर्व के अवसर पर फूड फेस्टिवल का आयोजन किया गया। वन विभाग के नेतृत्व में हुए आयोजन में स्थानीय व्यंजन, संस्कृति और प्रकृति संरक्षण का संगम देखने को मिला। नगर पंचायत अध्यक्ष बिहारीलाल सोरी ने म्यूजियम और कायाकिंग सुविधा का शुभारंभ किया। साथ ही टाटामारी को प्लास्टिक मुक्त बनाने की पहल शुरू की गई।

Aug 12, 2026 - 18:24
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टाटामारी में हरेली त्योहार पर फूड फेस्टिवल का आयोजन, कायाकिंग और म्यूजियम का शुभारंभ

UNITED NEWS OF ASIA. रामकुमार भारद्वाज, कोंडागांव l जिले के केशकाल स्थित इको पर्यटन केंद्र टाटामारी में हरेली पर्व के अवसर पर प्रकृति, संस्कृति और स्थानीय व्यंजनों का अनूठा संगम देखने को मिला। वन विभाग के नेतृत्व में आयोजित फूड फेस्टिवल में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों, महिला स्व-सहायता समूहों और युवाओं ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।

छत्तीसगढ़ी परंपरा के अनुसार विधिवत पूजा-अर्चना के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। इसके बाद महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा तैयार किए गए बस्तर और छत्तीसगढ़ के पारंपरिक व्यंजनों का अतिथियों ने स्वाद लिया। आयोजन के माध्यम से स्थानीय खान-पान और संस्कृति को पर्यटकों तक पहुंचाने का प्रयास किया गया।

म्यूजियम और कायाकिंग सुविधा शुरू

कार्यक्रम के दौरान टाटामारी को प्लास्टिक मुक्त बनाने की विशेष मुहिम की भी शुरुआत की गई। नगर पंचायत अध्यक्ष बिहारीलाल सोरी ने म्यूजियम और टाटामारी के तालाब में कायाकिंग सुविधा का शुभारंभ किया। इससे टाटामारी में आने वाले पर्यटकों को नए पर्यटन अनुभव मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है।

इस अवसर पर नगर पंचायत अध्यक्ष बिहारीलाल सोरी, पार्षद भूपेश चंद्राकर, डीएफओ दिव्या गौतम, एसडीओ सुषमा नेताम, वरिष्ठ पत्रकार कृष्णदत्त उपाध्याय सहित वन विभाग की टीम और स्थानीय लोग मौजूद रहे।

प्लास्टिक मुक्त टाटामारी की पहल

डीएफओ दिव्या गौतम ने बताया कि हरेली पर्व के आयोजन का उद्देश्य लोगों को प्रकृति और स्थानीय परंपराओं से जोड़ना है। महिला स्व-सहायता समूहों ने पर्यटकों और अतिथियों के लिए पारंपरिक व्यंजन तैयार किए।

उन्होंने बताया कि टाटामारी के तालाब में कायाकिंग सुविधा शुरू की गई है। साथ ही पूर्व में लिए गए प्लास्टिक मुक्त टाटामारी के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए स्थानीय महिला समूहों और दुकानदारों को 10-10 रुपये के टोकन उपलब्ध कराने की पहल की जा रही है। इसका उद्देश्य प्लास्टिक के उपयोग को कम करना और पर्यटन केंद्र को स्वच्छ एवं प्लास्टिक मुक्त बनाना है।

प्रकृति संरक्षण का संदेश

नगर पंचायत अध्यक्ष बिहारीलाल सोरी ने वन विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि हरेली पर्व के माध्यम से लोगों को जंगल, हरियाली और प्रकृति संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश मिला है। उन्होंने आयोजन के लिए वन विभाग और महिला समूहों की सराहना करते हुए केशकालवासियों को हरेली पर्व की शुभकामनाएं दीं।

पार्षद भूपेश चंद्राकर ने कहा कि वन विभाग के प्रयासों से टाटामारी के साथ केशकाल क्षेत्र के अन्य पर्यटन स्थलों को भी पहचान मिल रही है। बाहरी पर्यटकों के पहुंचने से क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियां बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि हरेली का मूल भाव हरियाली और प्रकृति संरक्षण से जुड़ा है, इसलिए टाटामारी को प्लास्टिक मुक्त बनाने की पहल आयोजन को और सार्थक बनाती है।

वरिष्ठ पत्रकार कृष्णदत्त उपाध्याय ने कहा कि वन विभाग द्वारा विभिन्न जिम्मेदारियां महिला समूहों को सौंपना सराहनीय कदम है। इससे महिलाओं की भागीदारी के साथ उनके आय के साधन भी बढ़ रहे हैं। टाटामारी में देश-दुनिया से पर्यटकों की संख्या बढ़ने पर स्थानीय महिलाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। उन्होंने महिला समूहों द्वारा तैयार किए गए बस्तर और छत्तीसगढ़ के पारंपरिक व्यंजनों की भी सराहना की।