विश्व सिकल सेल दिवस पर चिरमिरी जिला चिकित्सालय में रोगी सहायता समूह बैठक, 11 बच्चों को मिले यूडीआईडी कार्ड
विश्व सिकल सेल दिवस के अवसर पर जिला चिकित्सालय चिरमिरी में रोगी सहायता समूह की पहली जिला स्तरीय बैठक आयोजित की गई। कार्यक्रम में 35 सिकल सेल प्रभावित बच्चों और उनके अभिभावकों ने भाग लिया। इस दौरान 11 बच्चों को यूडीआईडी कार्ड वितरित किए गए तथा रोग प्रबंधन और शासकीय योजनाओं की जानकारी दी गई।
UNITED NEWS OF ASIA. जमील अंसारी, कोरिया l विश्व सिकल सेल दिवस के अवसर पर जिला चिकित्सालय चिरमिरी में सिकल सेल रोग से प्रभावित बच्चों और उनके परिवारों के लिए रोगी सहायता समूह (पेशेंट सपोर्ट ग्रुप) की पहली जिला स्तरीय बैठक आयोजित की गई। कार्यक्रम का उद्देश्य सिकल सेल रोग के प्रति जागरूकता बढ़ाना, प्रभावित बच्चों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ना तथा उनके परिवारों को उपलब्ध शासकीय योजनाओं की जानकारी प्रदान करना था।
कार्यक्रम में खड़गवां और जनकपुर विकासखंड के 35 सिकल सेल एनीमिया प्रभावित बच्चों एवं उनके अभिभावकों ने सहभागिता की। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी अविनाश खरे के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में रोग प्रबंधन, नियमित उपचार, स्वास्थ्य जांच और जीवनशैली से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यक्रम के दौरान महापौर रामनरेश राय ने सिकल सेल प्रभावित बच्चों और उनके अभिभावकों को शासन की विभिन्न योजनाओं का अधिकतम लाभ लेने की अपील की। उन्होंने नियमित उपचार और स्वास्थ्य जांच की आवश्यकता पर जोर देते हुए समाज में जागरूकता बढ़ाने का संदेश दिया।
सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक राजेन्द्र राय ने सिकल सेल रोग की प्रकृति, इसके लक्षणों और संभावित जटिलताओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि समय पर पहचान और नियमित उपचार से रोग से होने वाली जटिलताओं को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। साथ ही उन्होंने शासन द्वारा उपलब्ध स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की जानकारी भी साझा की।
शिशु रोग विशेषज्ञ अभिषेक तिवारी ने बच्चों और अभिभावकों को सिकल सेल रोग से जुड़ी आवश्यक सावधानियों, नियमित दवा सेवन, संक्रमण से बचाव और समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण के महत्व के बारे में बताया। उन्होंने उपस्थित लोगों के प्रश्नों का समाधान करते हुए रोग के बेहतर प्रबंधन के लिए आवश्यक सुझाव भी दिए।
कार्यक्रम की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि 11 सिकल सेल प्रभावित बच्चों को यूडीआईडी (यूनिक डिसएबिलिटी आईडी) कार्ड का वितरण रही। मेडिकल बोर्ड की विशेष पहल और प्रयासों के कारण इन बच्चों को दिव्यांगता प्रमाणन और यूडीआईडी कार्ड का लाभ मिल सका। यह कार्ड उन्हें विभिन्न शासकीय योजनाओं और सुविधाओं का लाभ प्राप्त करने में मदद करेगा।
कार्यक्रम के दौरान यह भी घोषणा की गई कि जिन बच्चों के यूडीआईडी कार्ड जांच लंबित होने के कारण नहीं बन पाए हैं, उनकी आवश्यक कन्फर्मेटरी जांच अस्पताल निधि से कराई जाएगी। जांच पूरी होने के बाद पात्र बच्चों का दिव्यांगता प्रमाणन कर यूडीआईडी कार्ड जारी किया जाएगा, जिससे वे सरकारी योजनाओं का लाभ ले सकें।
कार्यक्रम के आयोजन में यूनिसेफ और एकम फाउंडेशन का महत्वपूर्ण सहयोग रहा। तकनीकी मार्गदर्शन और विशेषज्ञ सहायता के माध्यम से कार्यक्रम को प्रभावी रूप से संचालित किया गया। जिला स्तर पर कार्यक्रम का समन्वय नम्रता चक्रवर्ती ने किया, जबकि राजकुमार राजवाड़े और वीरेन्द्र साव ने आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इसके अलावा आरबीएसके टीम, मितानिन कार्यक्रम समन्वयकों और मितानिनों के प्रयासों से अधिक से अधिक बच्चों और अभिभावकों की सहभागिता सुनिश्चित हुई। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को सिकल सेल रोग संबंधी जानकारी पुस्तिका वितरित की गई तथा नियमित फॉलो-अप, समय पर उपचार और जागरूकता फैलाने का संकल्प दिलाया गया। यह पहल सिकल सेल प्रभावित बच्चों के जीवन को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।