विश्व बुजुर्ग दुर्व्यवहार जागरूकता दिवस पर वरिष्ठ नागरिकों को बताए गए कानूनी अधिकार, सूरजपुर में विधिक साक्षरता शिविर आयोजित
विश्व बुजुर्ग दुर्व्यवहार जागरूकता दिवस के अवसर पर सूरजपुर जिले के स्नेह सम्बल वृद्धाश्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में वरिष्ठ नागरिकों को उनके कानूनी अधिकारों, भरण-पोषण कानून, निःशुल्क विधिक सहायता और विभिन्न शासकीय योजनाओं की जानकारी दी गई।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह,रायपुर l विश्व बुजुर्ग दुर्व्यवहार जागरूकता दिवस के अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा ग्राम तिलसिवा स्थित स्नेह सम्बल वृद्धाश्रम में वृहद विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों को उनके कानूनी अधिकारों, सुरक्षा संबंधी प्रावधानों और शासन की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करना था।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के मार्गदर्शन में आयोजित इस शिविर में बड़ी संख्या में वरिष्ठ नागरिकों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अधिकारियों और विधिक विशेषज्ञों ने बुजुर्गों को कानून द्वारा प्रदत्त अधिकारों तथा उपलब्ध सहायता तंत्र की विस्तृत जानकारी दी। शिविर में विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा, सम्मान और सामाजिक संरक्षण से जुड़े विषयों पर चर्चा की गई।
कार्यक्रम की अध्यक्षता चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल हृदय नारायण श्रीवास्तव ने की। उन्होंने ‘माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण तथा कल्याण अधिनियम, 2007’ की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि यह कानून बुजुर्गों को अपने बच्चों या उत्तरदायी परिजनों से भरण-पोषण प्राप्त करने का अधिकार प्रदान करता है। इसके अलावा यह अधिनियम वरिष्ठ नागरिकों को चिकित्सा सुविधा, सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन जीने के अधिकार को भी सुनिश्चित करता है।
शिविर में वक्ताओं ने कहा कि बदलती सामाजिक परिस्थितियों में बुजुर्गों की देखभाल और सम्मान समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। परिवार और समाज के सहयोग से ही वरिष्ठ नागरिकों को सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण प्रदान किया जा सकता है। कार्यक्रम में वृद्धावस्था पेंशन, स्वास्थ्य सेवाएं, सामाजिक सुरक्षा योजनाएं और निःशुल्क विधिक सहायता जैसी सुविधाओं की जानकारी भी विस्तार से दी गई।
अधिकारियों ने बताया कि आर्थिक रूप से कमजोर, परित्यक्त अथवा दुर्व्यवहार का शिकार हुए वरिष्ठ नागरिकों को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाती है। इसके अलावा जरूरतमंद बुजुर्गों को विभिन्न शासकीय योजनाओं से जोड़ने का भी प्रयास किया जाता है।
कार्यक्रम के दौरान वृद्धाश्रम में रह रहे कई वरिष्ठ नागरिकों ने अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा किए। उन्होंने पारिवारिक उपेक्षा, अकेलेपन और दुर्व्यवहार से जुड़ी समस्याओं को सामने रखा। अधिकारियों ने उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए आवश्यक कानूनी एवं सामाजिक सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया।
शिविर में कामेश्वर सिंह, पायल गुप्ता, पैरा लीगल वालंटियर्स तथा अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। आयोजन के माध्यम से वरिष्ठ नागरिकों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने और उन्हें कानूनी संरक्षण एवं सहायता तंत्र से जोड़ने का महत्वपूर्ण प्रयास किया गया।