“आपकी पूँजी, आपका अधिकार” अभियान में बड़ी सफलता: रायगढ़ के 312 खातों से 3.46 करोड़ रुपए लौटे
रायगढ़ जिले में “आपकी पूँजी, आपका अधिकार” अभियान के तहत 312 निष्क्रिय एवं लावारिस खातों से 3.46 करोड़ रुपए उनके वास्तविक हकदारों को लौटाए गए। कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी के निर्देशन में चल रहे इस विशेष अभियान में अब तक 79,562 खातों की पहचान की गई है, जिनमें कुल 37.14 करोड़ जमा हैं।
UNITED NEWS OF ASIA. रायगढ़। कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी के निर्देशन और छत्तीसगढ़ शासन की वित्तीय सशक्तिकरण नीति को गति देते हुए रायगढ़ जिले में “आपकी पूँजी, आपका अधिकार” अभियान के तहत लावारिस एवं निष्क्रिय खातों के निपटान में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है। जिले के 312 खातों में जमा कुल 3.46 करोड़ रुपए का सफलतापूर्वक निराकरण कर राशि को उसके वास्तविक हकदारों तक पहुंचाया गया।
वित्तीय सेवा विभाग, वित्त मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशानुसार शुक्रवार को टीआर संस, बिज़नेस हब, एक्सिस बैंक के पास ढिमरापुर रोड में जिला स्तरीय विशेष शिविर आयोजित किया गया। देशभर के 95 जिलों में एक साथ ऐसे शिविर लगाए गए। रायगढ़ शिविर में “आपकी पूँजी, आपका अधिकार” पुस्तिका का विमोचन भी किया गया।
शिविर में रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया की रीजनल डायरेक्टर रीनी अजीत ने अभियान के उद्देश्य समझाते हुए कहा कि बिना दावे वाली वित्तीय संपत्तियों को पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से असल हकदारों तक पहुँचाना सरकार और आरबीआई की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि आमजन की सुविधा के लिए उद्गम पोर्टल को और अधिक उन्नत एवं सरल बनाया गया है, जहाँ एक क्लिक में 30 बैंकों के अनक्लेम्ड डिपॉजिट अकाउंट की जानकारी उपलब्ध है।
आरबीआई के सहायक महाप्रबंधक दीपेश तिवारी ने पोर्टल के उपयोग की विस्तृत प्रक्रिया बताते हुए कहा कि निष्क्रिय खातों में दावा आवेदन और केवाईसी दस्तावेज जमा कर उन्हें तेजी से पुनः सक्रिय किया जा सकता है।
जिले में कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी के नेतृत्व में विशेष अभियान लगातार जारी है। अब तक 79,562 ऐसे बैंक खाते चिन्हित किए जा चुके हैं, जिन पर वर्षों से दावा नहीं किया गया है। इन खातों में कुल 37.14 करोड़ रुपए जमा हैं। प्रशासन और बैंकिंग संस्थाओं की संयुक्त सक्रियता से 3.46 करोड़ रुपए की अदावाकृत राशि का निपटान संभव हो सका है।
भारतीय स्टेट बैंक ने अधिकतम 3.11 करोड़ रुपए का निपटान कर बड़ी संख्या में खाताधारकों को लाभान्वित किया है। इस राशि का उपयोग कई परिवार अब शिक्षा, उपचार और आवश्यक जरूरतों की पूर्ति में कर सकेंगे।
कलेक्टर चतुर्वेदी ने कहा कि जनता की छूटी हुई हर पूँजी को वापस दिलाना शासन की प्राथमिकता है, और इस अभियान के माध्यम से वित्तीय जागरूकता भी तेजी से बढ़ रही है।