श्रीमद्भागवत कथा समाज को संस्कृति और संस्कारों से जोड़ने का सशक्त माध्यम: विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय रायपुर के बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में शामिल हुए। उन्होंने कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर से प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि का आशीर्वाद लिया और कहा कि श्रीमद्भागवत कथा जैसे आयोजन समाज को संस्कृति, संस्कार और नैतिक मूल्यों से जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं।

Jul 13, 2026 - 11:22
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श्रीमद्भागवत कथा समाज को संस्कृति और संस्कारों से जोड़ने का सशक्त माध्यम: विष्णु देव साय

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l मुख्यमंत्री विष्णु देव साय रविवार शाम राजधानी रायपुर स्थित बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने व्यासपीठ पर विराजमान कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर द्वारा सुनाई जा रही श्रीमद्भागवत कथा का श्रद्धापूर्वक श्रवण किया तथा विधि-विधान के साथ श्रीमद्भागवत जी की आरती कर प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और शांति की कामना की

मुख्यमंत्री ने कथा व्यास देवकीनंदन ठाकुर से प्रदेश की खुशहाली और जनकल्याण के लिए आशीर्वाद भी प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा जैसे आध्यात्मिक आयोजन समाज में नैतिक मूल्यों, सेवा, करुणा, सद्भाव और भारतीय संस्कृति के संरक्षण को मजबूत करते हैं। उनके अनुसार ऐसी धार्मिक कथाएं समाज को संस्कारों और आध्यात्मिक चेतना से जोड़ने का प्रभावी माध्यम हैं।

विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ आध्यात्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत समृद्ध प्रदेश है। उन्होंने कहा कि यह माता कौशल्या की जन्मभूमि और प्रभु श्रीराम का ननिहाल है। भगवान श्रीराम ने अपने वनवास का बड़ा हिस्सा छत्तीसगढ़ की पावन धरती पर बिताया, जिससे प्रदेश की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान और अधिक गौरवशाली बनी है।

मुख्यमंत्री ने शिवरीनारायण को माता शबरी की तपोभूमि बताते हुए कहा कि यहां प्रभु श्रीराम और माता शबरी के दिव्य मिलन की स्मृतियां आज भी श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र हैं। उन्होंने राजिम त्रिवेणी संगम पर आयोजित होने वाले राजिम कुंभ का भी उल्लेख करते हुए कहा कि यह देश के प्रमुख धार्मिक आयोजनों में शामिल है, जहां देशभर से साधु-संत और श्रद्धालु पहुंचते हैं।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार श्रद्धालुओं की आस्था का सम्मान करते हुए विभिन्न धार्मिक योजनाओं का प्रभावी संचालन कर रही है। रामलला दर्शन योजना के माध्यम से अब तक 50 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्या में भगवान श्रीराम के दर्शन कर चुके हैं। वहीं मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के जरिए प्रदेश के वरिष्ठ नागरिकों को देश के प्रमुख तीर्थस्थलों की यात्रा कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि सरकार प्रदेश के प्रमुख शक्तिपीठों के संरक्षण और विकास के लिए भी निरंतर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सामाजिक समरसता और धार्मिक स्वतंत्रता राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल हैं। उन्होंने बताया कि अवैध धर्मांतरण पर प्रभावी रोक लगाने के लिए राज्य में धर्म स्वातंत्र्य कानून लागू किया गया है, जिसमें सख्त प्रावधान किए गए हैं। साथ ही गौ संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए गौधाम योजना के तहत गौवंश के लिए चारा, पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा और आध्यात्मिक मूल्यों के संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। इस अवसर पर टंकराम वर्मा, बृजमोहन अग्रवाल, राजीवलोचन महाराज, पवन साय, नंदन जैन, योगेश अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु और भक्तजन उपस्थित रहे।