कृषि यंत्रीकरण योजना से बदली किसान तिहारूराम की जिंदगी, 4 लाख के अनुदान से मिला ट्रैक्टर

सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के ग्राम गधाभाटा के किसान तिहारूराम चंद्रा को कृषि यंत्रीकरण योजना के तहत 4 लाख रुपये का अनुदान मिलने से ट्रैक्टर खरीदने का सपना पूरा हुआ। सुशासन शिविर में ट्रैक्टर की चाबी सौंपी गई। कृषि विभाग ने शिविर में सैकड़ों किसानों को योजनाओं का लाभ और आधुनिक खेती की जानकारी भी दी।

Jul 13, 2026 - 11:19
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कृषि यंत्रीकरण योजना से बदली किसान तिहारूराम की जिंदगी, 4 लाख के अनुदान से मिला ट्रैक्टर

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l राज्य सरकार की कृषि यंत्रीकरण योजना किसानों के लिए आधुनिक खेती का मजबूत आधार बनती जा रही है। सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के विकासखंड बिलाईगढ़ के ग्राम गधाभाटा निवासी किसान तिहारूराम चंद्रा के जीवन में इस योजना ने बड़ा बदलाव लाया है। शासन से 4 लाख रुपये का अनुदान मिलने के बाद उनका वर्षों पुराना ट्रैक्टर खरीदने का सपना साकार हो गया।

ग्राम झुमका में आयोजित सुशासन शिविर में प्रभारी मंत्री टंकराम वर्मा ने तिहारूराम चंद्रा को नए ट्रैक्टर की चाबी सौंपकर उन्हें शुभकामनाएं दीं। ट्रैक्टर की कुल कीमत 9.40 लाख रुपये रही, जिसमें राज्य शासन द्वारा 4 लाख रुपये का अनुदान दिया गया। इससे किसान को आर्थिक राहत मिलने के साथ खेती के लिए आधुनिक संसाधन भी उपलब्ध हो गए।

तिहारूराम चंद्रा ने बताया कि सीमित जमीन और संसाधनों के कारण उन्हें खेती के लिए किराए का ट्रैक्टर लेना पड़ता था। कई बार समय पर ट्रैक्टर उपलब्ध नहीं होने से खेती के कार्य प्रभावित होते थे और अतिरिक्त खर्च भी उठाना पड़ता था। अब स्वयं का ट्रैक्टर होने से वे समय पर जुताई, बुवाई और अन्य कृषि कार्य कर सकेंगे। इससे उत्पादन बढ़ने के साथ खेती अधिक लाभकारी बनने की उम्मीद है।

सुशासन तिहार के तहत आयोजित शिविरों में कृषि विभाग ने 'वन स्टॉप सेंटर' के रूप में विशेष स्टॉल लगाए, जहां किसानों को विभिन्न योजनाओं की जानकारी देने के साथ-साथ उनकी समस्याओं का मौके पर समाधान किया गया। शिविर के दौरान विभाग को कुल 575 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें 545 मांग संबंधी और 30 शिकायतें शामिल थीं। विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 572 आवेदनों का निराकरण कर सुशासन का प्रभावी उदाहरण प्रस्तुत किया।

शिविर में किसानों को आधुनिक और वैज्ञानिक खेती के लिए नीम आधारित कीटनाशक, हरित खाद, प्रमाणित बीज तथा विभिन्न लघु कृषि यंत्र भी वितरित किए गए। कृषि विभाग के अधिकारियों ने चौपाल के माध्यम से किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, सॉइल हेल्थ कार्ड, एग्री स्टैक पंजीयन, प्राकृतिक एवं जैविक खेती मिशन, परंपरागत कृषि विकास योजना तथा दलहन-तिलहन प्रोत्साहन कार्यक्रम जैसी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी।

कृषि विभाग के अधिकारियों ने किसानों को आधुनिक तकनीकों को अपनाने, लागत कम करने और उत्पादन बढ़ाने के उपाय भी बताए। उन्होंने प्राकृतिक खेती, जैविक कृषि और हरित खाद के उपयोग को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया।

सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में चलाया जा रहा यह अभियान केवल किसानों की समस्याओं के समाधान तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें आधुनिक तकनीक, सरकारी योजनाओं और कृषि यंत्रीकरण से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। तिहारूराम चंद्रा की सफलता इस बात का उदाहरण है कि सरकारी योजनाओं का सही लाभ मिलने पर छोटे और मझोले किसान भी आधुनिक खेती अपनाकर अपनी आय बढ़ा सकते हैं और आर्थिक रूप से मजबूत बन सकते हैं।