प्रशासनिक आदेशों की अवहेलना: महिला साध्वी के हक के लिए कलेक्टर ने SDM को दिए सख्त निर्देश
मनेंद्रगढ़ के सिद्ध बाबा घाटी स्थित हनुमान मंदिर विवाद में कलेक्टर डी. राहुल वेंकट ने SDM को कोर्ट आदेशों का तत्काल पालन कराने के निर्देश दिए हैं। महिला साध्वी के अधिकारों के हनन, दस्तावेजों में हेरफेर और प्रताड़ना के आरोपों की जांच तेज हो गई है।
UNITED NEWS OF ASIA. प्रदीप पाटकर, मनेंद्रगढ़ (MCB) | सिद्ध बाबा घाटी स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग किनारे बने हनुमान मंदिर विवाद ने एक नया मोड़ ले लिया है। न्यायालय (SDM कोर्ट) द्वारा पूर्व में महिला साध्वी के पक्ष में दिए गए आदेशों का पालन न होने और उन्हें उनके अधिकारों से वंचित करने का मामला अब गंभीर रूप लेता जा रहा है। ताजा घटनाक्रम में कलेक्टर डी. राहुल वेंकट ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अनुविभागीय अधिकारी (SDM) को कोर्ट के आदेशों का तत्काल परिपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
दस्तावेजों में हेरफेर के आरोप
मामले में आरोप है कि कुछ प्रभावशाली व्यक्तियों द्वारा फर्जी दस्तावेजों के आधार पर मंदिर समिति का गठन किया गया है, जिससे प्राचीन धार्मिक परंपराओं के साथ छेड़छाड़ की गई।
साध्वी के अधिकारों का हनन
साध्वी समर्थकों का कहना है कि वर्ष 2010 में न्यायालय ने साध्वी को मंदिर में पूजा-पाठ और देखरेख का अधिकार प्रदान किया था। इसके बावजूद वर्तमान समिति द्वारा लगातार न्यायालय के आदेशों की अनदेखी की जा रही है, जिससे साध्वी को उनके अधिकारों से वंचित होना पड़ा है।
प्रताड़ना के आरोप भी सामने
साध्वी पक्ष का यह भी आरोप है कि उन्हें मानसिक और सामाजिक रूप से प्रताड़ित किया गया तथा मंदिर से जुड़े उनके मूल धार्मिक अधिकारों को बाधित किया गया।
पुलिस जांच में आई तेजी
दिनांक 3 फरवरी 2026 को जिला प्रशासन की सक्रियता के बाद जांच प्रक्रिया तेज हो गई। मनेंद्रगढ़ थाना की जांच टीम ने महिला साध्वी को थाने बुलाकर उनका आधिकारिक बयान दर्ज किया है। बयान दर्ज होने के बाद उन लोगों पर कार्रवाई की संभावना बढ़ गई है, जिन्होंने न्यायालय के आदेशों का पालन नहीं किया था।
महाशिवरात्रि तक न्याय की उम्मीद
कलेक्टर ने निष्पक्ष जांच के आदेश देते हुए स्पष्ट किया है कि पीड़ित पक्ष को हर हाल में न्याय दिलाया जाएगा। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार आगामी महाशिवरात्रि (15 फरवरी) तक साध्वी को उनके धार्मिक और संवैधानिक अधिकार वापस मिलने की संभावना जताई जा रही है।
प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि न्यायालय के आदेशों की अवहेलना गंभीर मामला है और दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।