उद्योगों के साथ पर्यावरण संरक्षण की नई पहल, 31 जुलाई तक वृक्षारोपण लक्ष्य पूरा करने के निर्देश

रायपुर में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी ने उद्योगों से 31 जुलाई तक वृक्षारोपण लक्ष्य पूरा करने और 15 अगस्त तक गुणवत्तापूर्ण पौधरोपण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि केवल पौधे लगाना ही नहीं, बल्कि उनका संरक्षण और जीवित रखना सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। बैठक में उद्योगों को 33 प्रतिशत ग्रीन बेल्ट विकसित करने और प्रति हेक्टेयर 2,500 पौधे लगाने के निर्देश भी दिए गए।

Jul 13, 2026 - 11:16
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उद्योगों के साथ पर्यावरण संरक्षण की नई पहल, 31 जुलाई तक वृक्षारोपण लक्ष्य पूरा करने के निर्देश

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l रायपुर के बेबीलॉन कैपिटल में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी ने राज्य के औद्योगिक विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण को समान महत्व देने पर जोर दिया। मानसून-2026 के दौरान औद्योगिक इकाइयों द्वारा किए जा रहे वृक्षारोपण कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि उद्योगों की प्रगति और पर्यावरण संरक्षण एक-दूसरे के पूरक हैं तथा दोनों के बीच संतुलन बनाए रखना आवश्यक है।

बैठक में राज्य की प्रमुख मध्यम एवं बड़े उद्योगों के प्रतिनिधियों, आवास एवं पर्यावरण विभाग तथा छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के अधिकारियों ने भाग लिया। मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार विकसित भारत-2047 के लक्ष्य के अनुरूप विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए कार्य कर रही है, लेकिन पर्यावरणीय मानकों से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

ओ.पी. चौधरी ने स्पष्ट किया कि वृक्षारोपण केवल संख्या बढ़ाने का अभियान नहीं है, बल्कि लगाए गए पौधों का जीवित रहना सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने उद्योगों से पीपल, नीम, शिरीष, आम, कटहल सहित स्थानीय और दीर्घायु प्रजातियों के पौधे लगाने तथा उनकी नियमित देखभाल और सिंचाई सुनिश्चित करने का आग्रह किया। उन्होंने मियावाकी जैसी आधुनिक वृक्षारोपण तकनीकों को अपनाने पर भी बल दिया।

बैठक में उद्योगों को निर्देश दिए गए कि 31 जुलाई तक निर्धारित वृक्षारोपण लक्ष्य पूरा किया जाए तथा 15 अगस्त तक गुणवत्तापूर्ण पौधरोपण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही वृक्षारोपण की ऑनलाइन मॉनिटरिंग और पोर्टल पर समयबद्ध जानकारी दर्ज करना भी अनिवार्य होगा। मंत्री ने उद्योगों से अपने सीएसआर के माध्यम से भी बड़े स्तर पर वृक्षारोपण अभियान चलाने और आम लोगों की भागीदारी बढ़ाने की अपील की।

उन्होंने बताया कि नवा रायपुर को "पीपल सिटी" के रूप में विकसित करने की दिशा में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। पहले लगाए गए लगभग 70 हजार पौधों के अलावा अगले पांच वर्षों में एक लाख से अधिक पीपल के पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके साथ ही सेंध लेक के गहरीकरण और सौंदर्यीकरण का कार्य भी शुरू हो चुका है। झील के मध्य स्थित द्वीप पर मियावाकी पद्धति से लगभग 25 हजार पौधे लगाए गए हैं, जिससे प्रवासी पक्षियों के लिए प्राकृतिक "बर्ड आइलैंड" विकसित किया जा रहा है।

बैठक में विभागीय अधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष अब तक लगभग 22 लाख पौधे लगाए जा चुके हैं, जो निर्धारित लक्ष्य का लगभग 90 प्रतिशत है। वर्ष 2026 के लिए 25 लाख पौधरोपण का लक्ष्य रखा गया है, जिसे उद्योगों के सहयोग से 30 लाख से अधिक तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। अधिकारियों ने उद्योगों को प्रत्येक हेक्टेयर में न्यूनतम 2,500 पौधे लगाने, परिसर के कम से कम 33 प्रतिशत क्षेत्र में ग्रीन बेल्ट विकसित करने, पुनर्चक्रित जल का उपयोग करने और पर्यावरणीय मानकों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए। बैठक में उद्योगों से पर्यावरण संरक्षण को सामाजिक दायित्व मानते हुए दीर्घकालिक और प्रभावी पहल करने का आह्वान भी किया गया।