सत्र 2026-27 की शुरुआत 1 जुलाई से करने की मांग, विकास तिवारी ने शिक्षामंत्री को लिखा पत्र

सामाजिक कार्यकर्ता विकास तिवारी ने स्कूल शिक्षामंत्री गजेंद्र यादव से शैक्षणिक सत्र 2026-27 की शुरुआत 1 जुलाई से करने का अनुरोध किया है। उन्होंने अवैध प्ले स्कूलों की समस्या और निजी स्कूलों में निःशुल्क पाठ्यपुस्तकों के वितरण में देरी को इसका प्रमुख कारण बताया है।

Jun 16, 2026 - 13:21
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सत्र 2026-27 की शुरुआत 1 जुलाई से करने की मांग, विकास तिवारी ने शिक्षामंत्री को लिखा पत्र

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l सामाजिक कार्यकर्ता विकास तिवारी ने स्कूल शिक्षामंत्री गजेंद्र यादव से शैक्षणिक सत्र 2026-27 की शुरुआत 1 जुलाई से किए जाने का अनुरोध किया है। उन्होंने मुख्यमंत्री और शिक्षामंत्री को भेजे गए पत्र में दो महत्वपूर्ण विषयों का उल्लेख करते हुए स्कूल खुलने की निर्धारित तिथि को आगे बढ़ाने की मांग की है।

विकास तिवारी ने कहा कि छत्तीसगढ़ में वर्तमान समय में 3000 से अधिक बिना मान्यता के प्ले और नर्सरी स्कूल संचालित हो रहे हैं, जिनमें एक लाख से अधिक विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। उन्होंने बताया कि इन स्कूलों के संचालन को लेकर प्ले स्कूल गाइडलाइन 2026-27 तैयार करने संबंधी शपथ पत्र माननीय उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के समक्ष प्रस्तुत किया गया था, लेकिन अब तक गाइडलाइन न्यायालय में जमा नहीं कराई गई है।

उन्होंने आरोप लगाया कि गाइडलाइन जारी नहीं होने के कारण बड़ी संख्या में अवैध प्ले स्कूल संचालित हो रहे हैं और इनमें अध्ययनरत बच्चों का APPAR ID नहीं बनाया जा रहा है। APPAR ID केंद्र सरकार की एक महत्वपूर्ण व्यवस्था है, जिसे राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत अनिवार्य किया गया है। ऐसे में हजारों विद्यार्थियों के शैक्षणिक रिकॉर्ड और पहचान संबंधी जानकारी राष्ट्रीय शिक्षा ढांचे से नहीं जुड़ पा रही है।

विकास तिवारी ने दूसरा महत्वपूर्ण मुद्दा निजी स्कूलों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को निःशुल्क पाठ्यपुस्तकों की उपलब्धता का उठाया है। उन्होंने कहा कि राज्य के लगभग 7500 अंग्रेजी एवं हिंदी माध्यम के निजी स्कूलों में अध्ययनरत पांच लाख से अधिक विद्यार्थियों को अभी तक कक्षा पहली से कक्षा दसवीं तक की निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध नहीं कराई गई हैं।

उनके अनुसार पाठ्य पुस्तक निगम द्वारा पुस्तकों का वितरण 25 जून से प्रारंभ किया जाना प्रस्तावित है और यह प्रक्रिया 1 जुलाई तक चलेगी। ऐसे में सत्र शुरू होने के बाद भी बड़ी संख्या में विद्यार्थियों के पास अध्ययन सामग्री उपलब्ध नहीं होगी, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो सकती है।

विकास तिवारी ने मुख्यमंत्री और स्कूल शिक्षामंत्री से आग्रह किया है कि इन दोनों महत्वपूर्ण विषयों को गंभीरता से संज्ञान में लेते हुए शाला प्रवेश और नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत की तिथि 1 जुलाई निर्धारित की जाए। उनका कहना है कि इससे विद्यार्थियों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने, अवैध प्ले स्कूलों के नियमन और शिक्षा व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित बनाने में मदद मिलेगी।