सुकमा की शैली गुप्ता ने अंतरराष्ट्रीय Matsogi-do प्रतियोगिता में जीता स्वर्ण पदक

सुकमा की खिलाड़ी शैली गुप्ता ने नई दिल्ली में आयोजित अंतरराष्ट्रीय Matsogi-do प्रतियोगिता में सीनियर महिला 49 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर भारत, छत्तीसगढ़ और सुकमा का नाम रोशन किया है। प्रतियोगिता में भारत, नेपाल, भूटान और बांग्लादेश के खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। शैली की इस उपलब्धि से जिले में खुशी का माहौल है और इसे स्थानीय खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायक सफलता माना जा रहा है।

Jul 4, 2026 - 10:54
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सुकमा की शैली गुप्ता ने अंतरराष्ट्रीय Matsogi-do प्रतियोगिता में जीता स्वर्ण पदक

UNITED NEWS OF ASIA. रिजेंट गिरी, सुकमा l कभी नक्सल गतिविधियों के कारण देशभर में चर्चित रहने वाला सुकमा जिला अब खेल के क्षेत्र में नई पहचान बना रहा है। जिले की प्रतिभाशाली खिलाड़ी शैली गुप्ता ने अंतरराष्ट्रीय Matsogi-do प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर भारत, छत्तीसगढ़ और सुकमा का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है। उनकी इस उपलब्धि से पूरे जिले में खुशी और गर्व का माहौल है।

नई दिल्ली के तालकटोरा इंडोर स्टेडियम में 24 से 26 जून तक आयोजित अंतरराष्ट्रीय Matsogi-do प्रतियोगिता में भारत, नेपाल, भूटान और बांग्लादेश के खिलाड़ियों ने भाग लिया। प्रतियोगिता में भारतीय टीम की ओर से सुकमा की शैली गुप्ता ने सीनियर महिला 49 किलोग्राम भार वर्ग में हिस्सा लिया। पूरे टूर्नामेंट के दौरान उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने सभी मुकाबलों में आत्मविश्वास और बेहतरीन तकनीक का परिचय दिया।

फाइनल मुकाबले में शैली गुप्ता ने अपने प्रतिद्वंद्वी पर एकतरफा बढ़त बनाते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इस जीत के साथ उन्होंने न केवल भारतीय तिरंगे का मान बढ़ाया, बल्कि छत्तीसगढ़ और सुकमा जिले को भी अंतरराष्ट्रीय खेल मंच पर नई पहचान दिलाई। उनकी सफलता को जिले के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा है।

शैली की इस उपलब्धि पर खेल प्रेमियों, खिलाड़ियों और स्थानीय लोगों ने खुशी जताई है। खेल विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सुकमा जैसे दूरस्थ जिले में भी प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। शासन की खेल प्रोत्साहन योजनाएं, प्रशिक्षकों का मार्गदर्शन और खिलाड़ियों की मेहनत अब सकारात्मक परिणाम देने लगी है। यही कारण है कि जिले के खिलाड़ी लगातार राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं।

शैली गुप्ता की सफलता जिले के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है। उनका प्रदर्शन यह संदेश देता है कि कठिन परिस्थितियां भी प्रतिभा और मेहनत के सामने बाधा नहीं बन सकतीं। सही प्रशिक्षण, अनुशासन और लगातार अभ्यास के दम पर कोई भी खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंच सकता है।

खेल विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इसी तरह खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, आधुनिक सुविधाएं और पर्याप्त अवसर मिलते रहे, तो आने वाले वर्षों में सुकमा से कई और खिलाड़ी देश का प्रतिनिधित्व करते हुए अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीत सकते हैं।

शैली गुप्ता की यह उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि प्रतिभा किसी क्षेत्र की पहचान की मोहताज नहीं होती। दृढ़ संकल्प, निरंतर अभ्यास और सही मार्गदर्शन के बल पर सुकमा अब केवल अपनी भौगोलिक पहचान तक सीमित नहीं है, बल्कि खेल जगत में भी अपनी अलग और मजबूत पहचान स्थापित कर रहा है।