नकटी गांव में घर तोड़े जाने की घटना की सर्व आदिवासी समाज युवा प्रभाग ने की निंदा

कांकेर में सर्व आदिवासी समाज युवा प्रभाग ने नकटी गांव में ग्रामीणों के घर तोड़े जाने की घटना की कड़ी निंदा की है। संगठन ने इसे मानवीय संवेदनाओं के विपरीत बताते हुए प्रभावित परिवारों के पुनर्वास, वैकल्पिक आवास और न्यायसंगत समाधान की मांग की है। साथ ही सरकार से आग्रह किया है कि विकास कार्यों के लिए ऐसा विकल्प चुना जाए, जिससे गरीब और आदिवासी परिवारों का विस्थापन न हो।

Jul 4, 2026 - 10:49
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नकटी गांव में घर तोड़े जाने की घटना की सर्व आदिवासी समाज युवा प्रभाग ने की निंदा

UNITED NEWS OF ASIA. राजेन्द्र मंडावी, कांकेर l कांकेर जिले में सर्व आदिवासी समाज युवा प्रभाग ने नकटी गांव में ग्रामीणों के घर तोड़े जाने की घटना पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए इसकी कड़ी निंदा की है। संगठन ने इस कार्रवाई को अत्यंत संवेदनशील और मानवीय दृष्टि से गंभीर विषय बताते हुए राज्य सरकार से प्रभावित परिवारों के हितों को प्राथमिकता देने की मांग की है।

संगठन द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि प्रशासनिक कार्रवाई के बाद कई परिवार आवास, आजीविका, बच्चों की शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा जैसी मूलभूत समस्याओं का सामना कर रहे हैं। संगठन का मानना है कि वर्षा ऋतु के दौरान लोगों के आशियानों को हटाने से प्रभावित परिवारों की कठिनाइयां कई गुना बढ़ जाती हैं। ऐसे समय में किसी भी प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान मानवीय संवेदनाओं और प्रभावित लोगों के अधिकारों का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए।

सर्व आदिवासी समाज युवा प्रभाग का कहना है कि किसी भी विकास परियोजना को लागू करते समय पुनर्वास की समुचित व्यवस्था और वैकल्पिक आवास उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए। बिना उचित व्यवस्था किए लोगों को उनके घरों से हटाना सामाजिक न्याय और मानवीय गरिमा की भावना के अनुरूप नहीं माना जा सकता।

संगठन ने अपने बयान में यह भी कहा है कि यदि विधायकों के लिए नई कॉलोनी का निर्माण आवश्यक है, तो शासन को ऐसे स्थान का चयन करना चाहिए जहां किसी गरीब, ग्रामीण या आदिवासी परिवार को अपने घर से विस्थापित न होना पड़े। संगठन ने यह भी उल्लेख किया कि नया रायपुर क्षेत्र में पर्याप्त शासकीय भूमि उपलब्ध होने की बातें सामने आती रही हैं। ऐसे में सरकार को सभी संभावित विकल्पों पर विचार कर ऐसा समाधान तलाशना चाहिए, जिससे विकास कार्य भी जारी रहें और किसी नागरिक का आशियाना भी न उजड़े।

प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि विकास और अधोसंरचना निर्माण महत्वपूर्ण हैं, लेकिन इनके साथ नागरिकों के संवैधानिक अधिकार, सम्मानजनक जीवन और मानवीय गरिमा की रक्षा भी उतनी ही आवश्यक है। संगठन का मत है कि ऐसे मामलों का समाधान संवाद, न्यायसंगत प्रक्रिया और पारदर्शी पुनर्वास नीति के माध्यम से किया जाना चाहिए।

सर्व आदिवासी समाज युवा प्रभाग, जिला कांकेर ने नकटी गांव के प्रभावित परिवारों के प्रति अपनी एकजुटता व्यक्त करते हुए राज्य सरकार से मामले पर संवेदनशीलता के साथ पुनर्विचार करने की मांग की है। संगठन ने प्रभावित परिवारों के लिए उचित पुनर्वास, वैकल्पिक आवास और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने का आग्रह किया है। साथ ही यदि आवश्यक हो तो कॉलोनी निर्माण के लिए किसी अन्य उपयुक्त स्थान का चयन करने का सुझाव भी दिया है।

यह प्रेस विज्ञप्ति सर्व आदिवासी समाज युवा प्रभाग, जिला कांकेर के जिला मीडिया प्रभारी अजय जुर्री द्वारा जारी की गई है।