नवनिर्मित रेलवे ओवरब्रिजों में दरारें, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने रेल मंत्री से उच्च स्तरीय जांच की मांग

राजनांदगांव जिले के बरगा, आलीवारा और मुसरा में हाल ही में बने रेलवे ओवरब्रिजों में दरारें आने के बाद विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर उच्च स्तरीय जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने प्रभावित पुलों का सुरक्षा परीक्षण और आवश्यक मरम्मत कराने का भी आग्रह किया है।

Jul 9, 2026 - 15:45
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नवनिर्मित रेलवे ओवरब्रिजों में दरारें, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने रेल मंत्री से उच्च स्तरीय जांच की मांग

UNITED NEWS OF ASIA. राजनांदगांव जिले में हाल ही में निर्मित रेलवे ओवरब्रिजों में दरारें आने का मामला अब राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर गंभीर मुद्दा बन गया है। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने इस मामले को जनहित और सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़ा बताते हुए केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कराने तथा निर्माण कार्य में लापरवाही बरतने वाले सभी जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।

डॉ. रमन सिंह ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि हाल ही में हुई बारिश के बाद राजनांदगांव जिले के बरगा, आलीवारा और मुसरा स्थित नवनिर्मित रेलवे ओवरब्रिजों में गंभीर दरारें दिखाई दी हैं। उनका कहना है कि लोकार्पण के कुछ ही दिनों के भीतर पुलों का क्षतिग्रस्त होना निर्माण गुणवत्ता, तकनीकी मानकों और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

जानकारी के अनुसार, दक्षिण-पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर जोन के नागपुर मंडल अंतर्गत डोंगरगढ़-राजनांदगांव रेलखंड पर प्रधानमंत्री गति शक्ति योजना के तहत लगभग 26 करोड़ रुपये की लागत से इन रेलवे ओवरब्रिजों का निर्माण कराया गया था। इनका लोकार्पण जून 2026 में किया गया था, लेकिन 4 और 5 जुलाई को हुई बारिश के बाद पुलों में लगभग 60 से 70 फीट लंबी तथा 15 से 20 सेंटीमीटर चौड़ी दरारें दिखाई दीं। इसके बाद पुलों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है और इन्हें फिलहाल आवागमन के लिए असुरक्षित माना जा रहा है।

विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि सार्वजनिक धन से निर्मित किसी भी परियोजना में इतनी जल्दी इस प्रकार की क्षति स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि यह मामला केवल निर्माण गुणवत्ता का नहीं, बल्कि आम नागरिकों की सुरक्षा से भी जुड़ा हुआ है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि इस घटना के बाद स्थानीय जनप्रतिनिधियों और नागरिकों में भारी नाराजगी देखी जा रही है।

डॉ. रमन सिंह ने रेल मंत्री से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। साथ ही निर्माण एजेंसी, ठेकेदार, परामर्शदाता और संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करते हुए दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह भी आग्रह किया कि प्रभावित ओवरब्रिजों का तत्काल तकनीकी सुरक्षा परीक्षण कराया जाए तथा आवश्यकता के अनुसार उनकी मरम्मत या पुनर्निर्माण कराया जाए, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की दुर्घटना की आशंका न रहे।

उन्होंने उम्मीद जताई कि रेल मंत्रालय इस गंभीर मामले में शीघ्र निर्णय लेते हुए जनहित, सार्वजनिक सुरक्षा और सरकारी धन की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कदम उठाएगा। यह मामला अब प्रदेश में सार्वजनिक निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और जवाबदेही को लेकर भी नई बहस का विषय बन गया है।