कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा बैठक लेकर दिए कुपोषण रोकथाम के सख्त निर्देश

बालोद कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा बैठक लेकर कुपोषण की रोकथाम और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए अधिकारियों को पुख्ता उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

Jan 6, 2026 - 11:42
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कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा बैठक लेकर दिए कुपोषण रोकथाम के सख्त निर्देश

 UNITED NEWS OF ASIA. परस साहू, बालोद। जिले में कुपोषण की प्रभावी रोकथाम एवं महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने आज संयुक्त जिला कार्यालय के सभाकक्ष में विभागीय समीक्षा बैठक ली। बैठक में उन्होंने परियोजनावार कार्यों की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर  मिश्रा ने स्पष्ट रूप से कहा कि कुपोषण जिले की एक गंभीर चुनौती है, जिसे प्राथमिकता के साथ दूर किया जाना आवश्यक है। उन्होंने जिला कार्यक्रम अधिकारी, परियोजना अधिकारी, सेक्टर सुपरवाईजर सहित सभी संबंधित अधिकारियों को अपने अधीनस्थ कर्मचारियों के कार्यों की सतत मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए, ताकि योजनाओं का लाभ वास्तविक हितग्राहियों तक पहुंचे।

बैठक के दौरान कलेक्टर ने परियोजनावार पोषण पुनर्वास केंद्रों (एनआरसी) में भर्ती किए गए कुपोषित बच्चों की संख्या की जानकारी ली और इस कार्य को विशेष प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने मिशन गोद के तहत गोद लिए गए बच्चों की स्वास्थ्य स्थिति में हो रहे सुधार, पोषण ट्रैकर में की जा रही एंट्री की स्थिति की भी समीक्षा की।

इसके अलावा कलेक्टर  मिश्रा ने नोनी सुरक्षा योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए इस योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार पर जोर दिया, ताकि अधिक से अधिक बालिकाएं इस योजना से लाभान्वित हो सकें। उन्होंने महिला सशक्तिकरण से जुड़ी योजनाओं, महतारी वंदन योजना, छत्तीसगढ़ महिला कोष ऋण एवं सक्षम योजना अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 में स्वीकृत ऋण प्रकरणों की स्थिति की भी समीक्षा की।

बैठक में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना, सुकन्या समृद्धि योजना तथा आंगनबाड़ी भवन निर्माण कार्यों की प्रगति पर भी विस्तार से चर्चा की गई। कलेक्टर ने जर्जर आंगनबाड़ी भवनों की जानकारी लेते हुए उनके स्थान पर नवीन भवनों के निर्माण, पेयजल सुविधा के लिए स्वीकृत राशि के उपयोग और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं के रिक्त पदों की भर्ती प्रक्रिया की भी समीक्षा की।

बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  सुनील चंद्रवंशी, जिला कार्यक्रम अधिकारी समीर पाण्डेय, परियोजना अधिकारी, सेक्टर सुपरवाईजर सहित महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को आपसी समन्वय से कार्य करते हुए जिले को कुपोषण मुक्त बनाने की दिशा में ठोस प्रयास करने के निर्देश दिए।