शहीदी दिवस पर ‘माय भारत’ का बड़ा अभियान: 33 जिलों में गूंजेगा ‘मेरी जिम्मेदारी’ का संकल्प
शहीदी दिवस के अवसर पर माय भारत द्वारा छत्तीसगढ़ के सभी 33 जिलों में “माय भारत, मेरी जिम्मेदारी” थीम के तहत विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें युवाओं की सक्रिय भागीदारी होगी।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर | शहीदी दिवस के अवसर पर इस वर्ष छत्तीसगढ़ में युवाओं के बीच राष्ट्र निर्माण का एक बड़ा अभियान देखने को मिलेगा। माय भारत (युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार) द्वारा “माय भारत, मेरी जिम्मेदारी” थीम के अंतर्गत राज्य के सभी 33 जिलों में व्यापक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसकी जानकारी रायपुर में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान दी गई।
अधिकारियों ने बताया कि हर वर्ष 23 मार्च को देश अमर शहीद भगत सिंह, शिवराम राजगुरु और सुखदेव थापर के बलिदान को श्रद्धापूर्वक याद करता है। इसी कड़ी में इस बार माय भारत ने इसे केवल श्रद्धांजलि तक सीमित न रखते हुए युवाओं को जिम्मेदारी का संदेश देने का निर्णय लिया है।
इस अवसर पर 23 मार्च को राज्यभर में एक विशाल पदयात्रा का आयोजन किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। यह पदयात्रा शहीदों को नमन के साथ-साथ युवाओं में राष्ट्र निर्माण के प्रति जागरूकता और जिम्मेदारी की भावना विकसित करेगी।
कार्यक्रमों की शुरुआत 19 मार्च से ही हो चुकी है। इसके तहत डिजिटल क्विज और रील प्रतियोगिता जैसे आधुनिक और आकर्षक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिससे अधिक से अधिक युवाओं को जोड़ा जा सके। इसके अलावा 22 मार्च को ‘माय भारत सिविक सेंस चैलेंज’ के तहत स्वच्छता, सड़क सुरक्षा और श्रमदान जैसे विषयों पर जन-जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
इन आयोजनों का मुख्य उद्देश्य युवाओं में अनुशासन, सामाजिक उत्तरदायित्व और सक्रिय भागीदारी को बढ़ावा देना है। माय भारत का यह प्रयास है कि युवा केवल दर्शक न बनें, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव के वाहक बनें।
प्रेस वार्ता के दौरान माय भारत के राज्य निदेशक अर्पित तिवारी ने कहा कि शहीदों का बलिदान केवल स्मरण करने के लिए नहीं, बल्कि उससे प्रेरणा लेकर अपने कर्तव्यों को निभाने का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि “माय भारत, मेरी जिम्मेदारी” थीम इसी विचार को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
उन्होंने यह भी बताया कि इस अभियान का उद्देश्य शहीदी दिवस को एक जन-आंदोलन का रूप देना है, जिससे अधिक से अधिक युवा राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित हों और एक जागरूक एवं जिम्मेदार समाज का निर्माण हो सके।
राज्यभर में होने वाले इन कार्यक्रमों के माध्यम से एक स्पष्ट संदेश देने का प्रयास किया जाएगा—एकता, देशभक्ति और जिम्मेदार नागरिकता का। यह पहल निश्चित रूप से युवाओं को राष्ट्र निर्माण की दिशा में एक नई ऊर्जा और प्रेरणा प्रदान करेगी।