कमजोरी की शिकायत लेकर पहुंची महिला को लगा ‘अंतरा’ इंजेक्शन, स्वास्थ्य केंद्र में लापरवाही के आरोप

महासमुंद जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सांकरा में उपचार के दौरान कथित लापरवाही का मामला सामने आया है। कमजोरी और लो बीपी की शिकायत लेकर पहुंची महिला को कथित रूप से गर्भनिरोधक ‘अंतरा’ इंजेक्शन लगा दिया गया। परिजनों और ग्रामीणों ने मामले की जांच और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की है। अस्पताल प्रभारी ने इसे मानवीय त्रुटि बताते हुए कहा कि महिला पूरी तरह सुरक्षित है।

Jul 12, 2026 - 11:15
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कमजोरी की शिकायत लेकर पहुंची महिला को लगा ‘अंतरा’ इंजेक्शन, स्वास्थ्य केंद्र में लापरवाही के आरोप

UNITED NEWS OF ASIA. सुनील साहू, बालोद l जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सांकरा में उपचार के दौरान कथित लापरवाही का मामला सामने आया है। आरोप है कि कमजोरी और लो ब्लड प्रेशर (बीपी) की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंची एक महिला को उपचार के बजाय गर्भनिरोधक "अंतरा" इंजेक्शन लगा दिया गया। घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने अस्पताल पहुंचकर विरोध जताया तथा मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की।

परिजनों और ग्रामीणों का आरोप है कि अस्पताल में पदस्थ स्टाफ नर्स आराधना बंजारा ने महिला की पर्ची और चिकित्सकीय आवश्यकता का सही ढंग से परीक्षण किए बिना इंजेक्शन लगा दिया। उनका कहना है कि अस्पताल में बिना पर्याप्त जांच के उपचार और दवाइयां दिए जाने की शिकायतें पहले भी सामने आती रही हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

घटना की जानकारी मिलने पर ग्रामीण भूपत बघेल सहित अन्य लोग अस्पताल पहुंचे और प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. आशीष पंथी से पूरे मामले की जानकारी ली। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि संबंधित स्टाफ के कार्य व्यवहार को लेकर पहले भी शिकायतें की गई थीं, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।

महिला के पति टोकेश ने बताया कि उनकी पत्नी की पहले ही नसबंदी हो चुकी है। उन्होंने कहा कि यदि ऐसी गलती किसी अन्य महिला के साथ होती तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते थे। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की है।

वहीं, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सांकरा के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. आशीष पंथी ने घटना को मानवीय त्रुटि बताया। उन्होंने कहा कि अधिक कार्यभार और जल्दबाजी के कारण यह गलती हुई। उनके अनुसार महिला की काउंसलिंग कर दी गई है तथा लगाए गए अंतरा इंजेक्शन से किसी प्रकार का स्वास्थ्य नुकसान होने की आशंका नहीं है। उन्होंने बताया कि महिला पूरी तरह स्वस्थ और सुरक्षित है तथा उसकी स्थिति सामान्य है।

हालांकि ग्रामीण अस्पताल प्रशासन के इस स्पष्टीकरण से संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना है कि केवल कार्यभार या मानवीय त्रुटि का हवाला देकर ऐसी घटनाओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उनका मानना है कि स्वास्थ्य सेवाओं में इस प्रकार की लापरवाही मरीजों की सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता का विषय है।

ग्रामीणों ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर तथ्य सामने लाए जाएं और यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए स्वास्थ्य केंद्रों में उपचार प्रक्रिया की निगरानी और जवाबदेही को और मजबूत किया जाए।