रायपुर के श्रीराम मंदिर में 6 से 12 अप्रैल तक श्रीमद्भागवत कथा, पं. हिमांशु कृष्ण भारद्वाज सुनाएंगे कथा
रायपुर के श्रीराम मंदिर में 6 से 12 अप्रैल तक श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया जाएगा। प्रसिद्ध कथावाचक पं. हिमांशु कृष्ण भारद्वाज भक्तों को कथा का रसपान कराएंगे। आयोजन की तैयारियां अंतिम चरण में हैं।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर एक बार फिर भक्तिमय माहौल में डूबने जा रही है। शहर के प्रसिद्ध श्रीराम मंदिर में 6 अप्रैल से 12 अप्रैल तक श्रीमद्भागवत कथा का भव्य आयोजन किया जा रहा है। इस सात दिवसीय धार्मिक आयोजन को लेकर तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं और श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है।
इस कथा का वाचन प्रसिद्ध कथावाचक हिमांशु कृष्ण भारद्वाज द्वारा किया जाएगा, जो अपनी मधुर वाणी और सरल शैली के लिए जाने जाते हैं। उनके द्वारा सुनाई जाने वाली भागवत कथा न केवल धार्मिक आस्था को मजबूत करती है, बल्कि जीवन के मूल्यों और संस्कारों को भी समझाने का कार्य करती है।
आयोजन समिति के अध्यक्ष सुनील रामदास अग्रवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि कथा का आयोजन 6 अप्रैल से शुरू होकर 12 अप्रैल तक प्रतिदिन होगा। उन्होंने कहा कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य समाज में भक्ति भावना को जागृत करना और धार्मिक-सांस्कृतिक मूल्यों का प्रचार-प्रसार करना है।
उन्होंने आगे बताया कि कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं, धर्म, कर्म और भक्ति के महत्व को विस्तार से बताया जाएगा। साथ ही श्रद्धालुओं को जीवन में सकारात्मक सोच अपनाने और आध्यात्मिक मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
श्रीराम मंदिर परिसर को इस अवसर पर विशेष रूप से सजाया जा रहा है। मंदिर में आकर्षक विद्युत सज्जा, बैठने की व्यवस्था, प्रसाद वितरण और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सभी जरूरी इंतजाम किए जा रहे हैं। आयोजकों का कहना है कि बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए स्वयंसेवकों की टीम भी तैनात की जाएगी।
इस धार्मिक आयोजन में प्रतिदिन सुबह और शाम के सत्र में कथा का वाचन होगा, जिसमें शहर के अलावा आसपास के क्षेत्रों से भी श्रद्धालु शामिल होंगे। आयोजकों ने अधिक से अधिक लोगों से कथा में शामिल होकर धर्म लाभ लेने की अपील की है।
रायपुर में इस तरह के धार्मिक आयोजनों का विशेष महत्व होता है, क्योंकि ये न केवल आस्था को मजबूत करते हैं, बल्कि समाज में एकता और सद्भाव का संदेश भी देते हैं। श्रीमद्भागवत कथा के माध्यम से लोगों को आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त करने का अवसर मिलेगा और सात दिनों तक पूरा वातावरण भक्ति में सराबोर रहेगा।
कुल मिलाकर, 6 से 12 अप्रैल तक श्रीराम मंदिर में आयोजित होने वाली यह भागवत कथा शहर के प्रमुख धार्मिक आयोजनों में से एक होगी, जिसमें श्रद्धालु बड़ी संख्या में शामिल होकर पुण्य लाभ अर्जित करेंगे।