श्रीमद्भागवत कथा से समाज में संस्कार और सद्भाव मजबूत होता है : पुरन्दर मिश्रा

रायपुर के बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में विधायक पुरन्दर मिश्रा ने शामिल होकर कथा श्रवण किया और देवकीनंदन ठाकुर का आशीर्वाद लिया। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा समाज में संस्कार, सेवा, सद्भाव और नैतिक मूल्यों को मजबूत करने का प्रभावी माध्यम है।

Jul 14, 2026 - 10:58
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श्रीमद्भागवत कथा से समाज में संस्कार और सद्भाव मजबूत होता है : पुरन्दर मिश्रा

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l रायपुर के बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में उत्तर विधानसभा क्षेत्र के विधायक पुरन्दर मिश्रा ने सहभागिता कर कथा श्रवण किया। इस दौरान उन्होंने कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर का आशीर्वाद प्राप्त किया और प्रदेशवासियों के सुख, शांति तथा समृद्धि की कामना की।

कार्यक्रम के दौरान पुरन्दर मिश्रा ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा और मानवीय मूल्यों की अमूल्य धरोहर है। उन्होंने कहा कि कथा का प्रत्येक प्रसंग व्यक्ति को सत्य, सेवा, करुणा, त्याग और कर्तव्यनिष्ठा का संदेश देता है। ऐसे आध्यात्मिक आयोजनों से समाज में सकारात्मक सोच का विकास होता है और लोगों को जीवन जीने की नई प्रेरणा मिलती है

उन्होंने कहा कि संतों का सान्निध्य व्यक्ति के जीवन में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार करता है। धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन समाज को जोड़ने, पारिवारिक मूल्यों को सशक्त बनाने तथा सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में नैतिक मूल्यों और संस्कारों को मजबूत करने के लिए ऐसे आयोजनों की आवश्यकता और भी अधिक है।

विधायक ने श्रीमद्भगवद्गीता के प्रसिद्ध श्लोक "कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन..." का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को निष्काम भाव से अपने कर्तव्यों का पालन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि कर्म ही जीवन की सबसे बड़ी साधना है और फल की चिंता किए बिना अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करना भारतीय संस्कृति की मूल भावना है।

उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज को सही दिशा देने वाला एक सांस्कृतिक और नैतिक अभियान भी है। इसके माध्यम से नई पीढ़ी को भारतीय परंपराओं, आध्यात्मिक मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक किया जा सकता है। कथा से मिलने वाली शिक्षाएं समाज में प्रेम, भाईचारा और सेवा की भावना को मजबूत करती हैं।

पुरन्दर मिश्रा ने भगवान श्रीकृष्ण से प्रदेशवासियों के उत्तम स्वास्थ्य, सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हुए कहा कि समाज में धर्म, सद्भाव और लोककल्याण की भावना निरंतर बढ़ती रहे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ऐसे आध्यात्मिक आयोजन लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने और सामाजिक एकता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहेंगे।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण किया और आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव किया। श्रद्धालुओं ने कथा के माध्यम से मिले जीवन मूल्यों और धार्मिक संदेशों को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प भी व्यक्त किया। विधायक ने आयोजन समिति और सभी श्रद्धालुओं को सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं।