ज्योतिष और वास्तु अंधविश्वास नहीं, जीवन संतुलन का विज्ञान है : एस्ट्रो रिंकू अग्रवाल

रायपुर में आयोजित प्रेस वार्ता में एस्ट्रो रिंकू अग्रवाल ने कहा कि ज्योतिष और वास्तु अंधविश्वास नहीं, बल्कि जीवन को संतुलन और सकारात्मक दिशा देने वाला व्यावहारिक विज्ञान है।

Jan 10, 2026 - 17:11
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ज्योतिष और वास्तु अंधविश्वास नहीं, जीवन संतुलन का विज्ञान है : एस्ट्रो रिंकू अग्रवाल

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर। ज्योतिष और वास्तु को लेकर समाज में फैली भ्रांतियों पर विराम लगाते हुए सेलेस्ट्रियल इनसाइट की संस्थापक एवं वरिष्ठ ज्योतिष-वास्तु सलाहकार एस्ट्रो रिंकू अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि ज्योतिष और वास्तु अंधविश्वास नहीं, बल्कि जीवन को संतुलित और व्यवस्थित करने वाला एक व्यावहारिक विज्ञान है। वे शनिवार को रायपुर स्थित धर्म निरंजन धर्मशाला में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित कर रही थीं।

प्रेस वार्ता के दौरान एस्ट्रो रिंकू अग्रवाल ने कहा कि ज्योतिष और वास्तु एक-दूसरे के पूरक हैं। ज्योतिष व्यक्ति के जीवन में चल रही ग्रह दशाओं और समय चक्र को दर्शाता है, जबकि वास्तु उस वातावरण को संतुलित करता है, जिसमें व्यक्ति रहता और कार्य करता है। यदि ग्रह दशाएं प्रतिकूल हों, लेकिन निवास या कार्यस्थल वास्तु-संतुलित हो, तो नकारात्मक प्रभाव काफी हद तक कम किए जा सकते हैं। सही वास्तु मानसिक स्थिरता, सकारात्मक सोच और बेहतर निर्णय क्षमता प्रदान करता है।

उन्होंने विज्ञान बनाम अंधविश्वास की बहस पर कहा कि दिशाएं, प्राकृतिक प्रकाश, वेंटिलेशन और ऊर्जा प्रवाह का मानव मनोविज्ञान पर सीधा प्रभाव पड़ता है। उत्तर-पूर्व दिशा से मिलने वाला प्राकृतिक प्रकाश और सकारात्मक ऊर्जा व्यक्ति की एकाग्रता, कार्यक्षमता और मानसिक शांति को बढ़ाता है। इसी प्रकार ग्रहों की स्थिति व्यक्ति के स्वभाव, भावनात्मक संतुलन और निर्णय प्रक्रिया को प्रभावित करती है, जिसे अनुभव और तार्किक विश्लेषण के माध्यम से समझा जा सकता है।

आधुनिक शहरी जीवन की चुनौतियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि आज अधिकांश लोग फ्लैट या किराए के मकानों में रहते हैं, जहां तोड़-फोड़ संभव नहीं होती। ऐसे में बिना किसी संरचनात्मक बदलाव के भी प्रभावी वास्तु उपाय किए जा सकते हैं। फर्नीचर की सही दिशा, संतुलित रोशनी, रंगों का उचित चयन और छोटे-छोटे दैनिक बदलाव भी जीवन में सकारात्मक परिणाम ला सकते हैं।

भाग्य और कर्म के संबंध पर बोलते हुए एस्ट्रो रिंकू अग्रवाल ने कहा कि जीवन पूरी तरह सितारों में लिखा हुआ नहीं होता। ग्रह दशाएं, वातावरण और व्यक्ति के कर्म—तीनों मिलकर जीवन की दिशा तय करते हैं। वास्तु वातावरण को अनुकूल बनाता है, जिससे व्यक्ति अपने कर्म बेहतर ढंग से कर पाता है। वास्तु भाग्य बदलने का दावा नहीं करता, बल्कि व्यक्ति को बेहतर अवसरों के लिए तैयार करता है।

प्रेस वार्ता के अंत में उन्होंने ज्योतिष और वास्तु के नाम पर फैल रहे ढोंग और डर के व्यापार से लोगों को सावधान किया। उन्होंने कहा कि जो लोग भय दिखाकर महंगे रत्न, यंत्र या त्वरित चमत्कार का दावा करते हैं, उनसे दूरी बनानी चाहिए। वास्तविक विशेषज्ञ हमेशा तार्किक विश्लेषण और व्यावहारिक समाधान पर जोर देता है।

उन्होंने कहा कि आज समाज को डर नहीं, बल्कि संतुलन, समाधान और जागरूकता पर आधारित ज्योतिष और वास्तु की आवश्यकता है।