राहुल गांधी की गिरफ्तारी के विरोध में रायपुर में कांग्रेस का धरना, राज्यपाल भवन के बाहर किया प्रदर्शन

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की गिरफ्तारी के विरोध में रायपुर में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने राज्यपाल के लोक भवन के मुख्य द्वार के सामने धरना दिया। प्रदर्शन के दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई और गिरफ्तारी का विरोध जताया गया।

Jul 22, 2026 - 12:18
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राहुल गांधी की गिरफ्तारी के विरोध में रायपुर में कांग्रेस का धरना, राज्यपाल भवन के बाहर किया प्रदर्शन

UNITED NEWS OF ASIA. हसीब अख्तर, रायपुर l लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की गिरफ्तारी के विरोध में रायपुर में कांग्रेस ने जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने राज्यपाल के लोक भवन के मुख्य द्वार के सामने धरना देकर केंद्र सरकार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे तथा उन्होंने नारेबाजी करते हुए गिरफ्तारी को लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताया।

कांग्रेस नेताओं का कहना था कि राहुल गांधी प्रधानमंत्री आवास के सामने धरना प्रदर्शन कर रहे थे, जिसके दौरान उन्हें हिरासत में लिया गया। इसी कार्रवाई के विरोध में प्रदेश कांग्रेस ने रायपुर में धरना आयोजित कर अपनी नाराजगी व्यक्त की। प्रदर्शनकारियों ने इसे विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास बताते हुए केंद्र सरकार की कार्रवाई की आलोचना की।

धरने के दौरान कांग्रेस नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध और अपनी बात रखने का अधिकार प्रत्येक नागरिक और जनप्रतिनिधि को है। उनका आरोप था कि विपक्ष के नेताओं पर लगातार कार्रवाई कर लोकतांत्रिक संस्थाओं पर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस प्रकार की कार्रवाई का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करती रहेगी।

लोक भवन के मुख्य द्वार के सामने आयोजित धरने में पार्टी के कई वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल भी तैनात रहा। पुलिस और प्रशासन की निगरानी में पूरे कार्यक्रम का संचालन किया गया।

प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि राहुल गांधी के खिलाफ की गई कार्रवाई वापस ली जाए और लोकतांत्रिक अधिकारों का सम्मान किया जाए। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यदि विपक्ष की आवाज को इसी तरह दबाने का प्रयास जारी रहा तो पार्टी आगे भी चरणबद्ध आंदोलन करेगी।

धरने के दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाए गए और संविधान तथा लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करने का संकल्प दोहराया गया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कहा कि लोकतंत्र में असहमति की आवाज को दबाने के बजाय संवाद और संवैधानिक प्रक्रियाओं का पालन किया जाना चाहिए।

फिलहाल, इस पूरे घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म है। कांग्रेस ने इसे लोकतंत्र की रक्षा का मुद्दा बताते हुए आंदोलन जारी रखने के संकेत दिए हैं, जबकि प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पूरे क्षेत्र में सतर्कता बनाए रखी गई।