कबीरधाम में तीन दिव्यांगजनों को मिली नई राह, बैटरी चलित मोटराइज्ड ट्रायसायकल का वितरण

समाज कल्याण विभाग कबीरधाम द्वारा तीन अस्थि बाधित दिव्यांगजनों को बैटरी चलित मोटराइज्ड ट्रायसायकल प्रदान की गई। इससे दिव्यांगजनों की गतिशीलता बढ़ेगी और वे दैनिक कार्यों में आत्मनिर्भर बन सकेंगे।

Jan 16, 2026 - 14:25
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कबीरधाम में तीन दिव्यांगजनों को मिली नई राह, बैटरी चलित मोटराइज्ड ट्रायसायकल का वितरण

 UNITED NEWS OF ASIA. कवर्धा। दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में समाज कल्याण विभाग कबीरधाम द्वारा एक सराहनीय पहल की गई। जिले के तीन अस्थि बाधित दिव्यांगजनों को बैटरी चलित मोटराइज्ड ट्रायसायकल का वितरण कर उन्हें आवागमन में सुविधा प्रदान की गई। इस सहायता से दिव्यांगजनों के दैनिक जीवन में सकारात्मक बदलाव आने की उम्मीद जताई जा रही है।

समाज कल्याण विभाग द्वारा आयोजित इस वितरण कार्यक्रम में ग्राम बरबसपुर निवासी  पुन्नीदास, ग्राम महराटोला निवासी  रमेश पटेल तथा कैलाश नगर, कवर्धा निवासी  युसुफ खान को मोटराइज्ड ट्रायसायकल प्रदान की गई। बैटरी से चलने वाली यह ट्रायसायकल विशेष रूप से अस्थि बाधित दिव्यांगजनों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है, जिससे उन्हें लंबी दूरी तय करने और अपने कार्यों को स्वयं करने में सहायता मिलेगी।

कार्यक्रम के दौरान नगर पालिका अध्यक्ष  चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी, नगर पालिका सभापति  बिहारी राम धुर्वे, पार्षद सौखी अहिरवार दीपक सिन्हा बीर सिंह पटेल सहित समाज कल्याण विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। अतिथियों ने दिव्यांगजनों से संवाद कर उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।

नगर पालिका अध्यक्ष चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी ने अपने संबोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार दिव्यांगजन कल्याण के लिए निरंतर प्रयासरत है। सरकार की मंशा है कि दिव्यांगजन समाज की मुख्यधारा से जुड़कर सम्मानपूर्वक जीवन यापन कर सकें। उन्होंने कहा कि बैटरी चलित ट्रायसायकल जैसे सहायक उपकरण दिव्यांगजनों की स्वतंत्रता और आत्मसम्मान को बढ़ाते हैं।

समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पात्र दिव्यांगजनों की पहचान कर उन्हें आवश्यक सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं, ताकि वे शिक्षा, रोजगार और सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग ले सकें। मोटराइज्ड ट्रायसायकल मिलने से लाभार्थियों को न केवल आवागमन में सुविधा होगी, बल्कि वे अपने कार्य स्वयं करने में सक्षम बनेंगे।

कार्यक्रम के अंत में लाभार्थी दिव्यांगजनों ने सरकार एवं प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सहायता उनके जीवन में नई उम्मीद और आत्मविश्वास लेकर आई है।