लैलूंगा में अपहरण का मामला सुलझा: 17 वर्षीय बालक सकुशल बरामद, आरोपी गिरफ्तार
रायगढ़ जिले के लैलूंगा थाना क्षेत्र में 17 वर्षीय बालक के अपहरण मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बालक को सुरक्षित बरामद कर आरोपी को गिरफ्तार किया।
UNITED NEWS OF ASIA. महेंद्र अग्रवाल, रायगढ़। रायगढ़ जिले के थाना लैलूंगा क्षेत्र में 17 वर्षीय किशोर के अपहरण के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने अपहृत बालक को सकुशल बरामद कर लिया है और आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। इस घटना में आरोपी राजेश गुप्ता (36 वर्ष), निवासी ग्राम टटकेला, जो कि पीड़ित बालक का रिश्तेदार बताया जा रहा है, को पुलिस ने कुछ ही घंटों में पकड़ लिया।
घटना 2 अप्रैल 2026 की रात की है, जब आरोपी शराब के नशे में पीड़ित के घर जबरन घुस गया। उसने बालक को जगाकर उसके पिता के बारे में पूछताछ की। जब पिता के घर पर न होने की जानकारी मिली, तो आरोपी ने बालक को जबरदस्ती अपने साथ ले जाने की कोशिश की। विरोध करने पर उसने धमकी दी कि वह बच्चे को ले जा रहा है और पिता से पैसे लेकर ही उसे छोड़ेगा। साथ ही महिला को किसी को जानकारी देने पर जान से मारने की धमकी भी दी गई।
पीड़िता ने 3 अप्रैल को थाना लैलूंगा में इसकी रिपोर्ट दर्ज कराई। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत जांच शुरू की। इस दौरान आरोपी ने पीड़िता और उसके साथियों का पीछा करते हुए उनकी गाड़ियों को टक्कर मारकर डराने का भी प्रयास किया, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई।
मामले में पुलिस ने धारा 331(2), 137(2), 351(3), 281 बीएनएस और मोटर व्हीकल एक्ट की धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में थाना प्रभारी उप निरीक्षक गिरधारी साव और सहायक उप निरीक्षक राजेश दर्शन के नेतृत्व में टीम गठित कर अपहृत बालक की तलाश शुरू की गई।
पुलिस टीम ने तेजी से कार्रवाई करते हुए ग्राम कुंजारा और सारसमाल के बीच जंगल क्षेत्र में बालक को सुरक्षित बरामद कर लिया। वहीं आरोपी को उसके TUV वाहन सहित घेराबंदी कर गिरफ्तार किया गया। घटना में प्रयुक्त वाहन को भी जब्त कर लिया गया है।
इस कार्रवाई में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी और एसडीओपी सिद्धांत तिवारी के मार्गदर्शन में पुलिस टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि अपहरण जैसे गंभीर अपराधों में पुलिस की प्राथमिकता त्वरित कार्रवाई और पीड़ित की सुरक्षा होती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
इस पूरे घटनाक्रम में पुलिस की तत्परता और सक्रियता के कारण एक बड़ी अनहोनी टल गई और पीड़ित बालक को सुरक्षित उसके परिवार के पास पहुंचाया जा सका। यह घटना पुलिस की सजगता और जिम्मेदारी का एक महत्वपूर्ण उदाहरण है।