संसद में गूंजा गिग वर्कर्स का दर्द: राघव चड्ढा बोले—“इनकी हालत दिहाड़ी मजदूर से भी बदतर”

AAP सांसद राघव चड्ढा ने राज्यसभा में गिग वर्कर्स की दुर्दशा का मुद्दा उठाते हुए कहा कि डिलीवरी ब्वॉय और ड्राइवर ‘भारतीय अर्थव्यवस्था के अनदेखे पहिये’ हैं, लेकिन उनकी हालत दिहाड़ी मजदूरों से भी बदतर है। तेज डिलीवरी के दबाव, कमाई की असुरक्षा और ऐप-डिपेंडेंट सिस्टम के कारण वे अपनी जान जोखिम में डालने को मजबूर हैं। चड्ढा ने सरकार से इनके लिए ठोस नीति बनाने की अपील की।

Dec 5, 2025 - 16:18
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संसद में गूंजा गिग वर्कर्स का दर्द: राघव चड्ढा बोले—“इनकी हालत दिहाड़ी मजदूर से भी बदतर”

UNITED NEW OF ASIA. आम आदमी पार्टी के सांसद राघव चड्ढा ने राज्यसभा में गिग वर्कर्स की गंभीर समस्याओं को उठाते हुए कहा कि देशभर में काम कर रहे डिलीवरी ब्वॉय और ड्राइवर भारतीय अर्थव्यवस्था के अनदेखे पहिये हैं, लेकिन उनकी हालत दिहाड़ी मजदूरों से भी बदतर है।

उन्होंने कहा कि जोमैटो, स्विगी, ओला-उबर, ब्लिंकिट, जैप्टो और अर्बन कंपनी के राइडर्स तेज गति व त्वरित सेवा के दबाव के कारण यह सोचकर जान जोखिम में डालते हैं कि देर होने पर उनकी रेटिंग गिर जाएगी, इंसेंटिव कट जाएगा, ऐप लॉगआउट कर देगा या आईडी ब्लॉक हो जाएगी।

 चड्ढा ने बताया कि ग्राहक की नाराजगी, फोन पर डांट-फटकार और एक स्टार रेटिंग का डर गिग वर्कर्स की महीने भर की मेहनत पर पानी फेर देता है। उन्होंने कहा कि ये वर्कर रोज 12 से 14 घंटे काम करते हैं, मौसम चाहे जैसा भी हो, इनके पास सुरक्षा उपकरण नहीं होते, न अतिरिक्त भत्ता मिलता और न ही कोई सामाजिक सुरक्षा।

कमाई कम और बीमारी ज्यादा वाली स्थिति इनकी जिंदगी को और मुश्किल बना देती है। चड्ढा ने कहा कि ये भी किसी के बेटे, भाई, पति और पिता हैं, जिन पर पूरा परिवार निर्भर होता है, इसलिए सरकार को इन गिग वर्कर्स के बारे में गंभीरता से सोचकर ऐसी नीति बनानी चाहिए, जिससे उन्हें राहत और सुरक्षा मिल सके।