उपसंचालक कृषि ने परासिया क्षेत्र का किया दौरा, प्राकृतिक खेती और नवाचारों की सराहना

उपसंचालक कृषि जितेन्द्र कुमार सिंह और वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ. आर.एल. राउत ने परासिया क्षेत्र के विभिन्न गांवों का दौरा कर प्राकृतिक खेती, सब्जी उत्पादन और हाई डेंसिटी तकनीक से आम की खेती का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने किसानों के नवाचारों की सराहना करते हुए प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने और ई-विकास प्रणाली के माध्यम से उर्वरक वितरण की जानकारी दी।

May 9, 2026 - 12:11
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उपसंचालक कृषि ने परासिया क्षेत्र का किया दौरा, प्राकृतिक खेती और नवाचारों की सराहना

UNITED NEWS OF ASIA.  वीरेंद्र यादव, छिंदवाड़ा/परासिया l कृषि विभाग द्वारा किसानों को प्राकृतिक खेती और आधुनिक कृषि तकनीकों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से परासिया क्षेत्र में विशेष निरीक्षण और भ्रमण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान उपसंचालक कृषि जितेन्द्र कुमार सिंह, वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ. आर.एल. राउत, अनुविभागीय अधिकारी कृषि प्रमोद सिंह उट्टी सहित विभागीय अधिकारियों ने उमरेठ क्षेत्र के विभिन्न गांवों का दौरा कर किसानों द्वारा किए जा रहे नवाचारों और प्राकृतिक खेती के प्रयासों का अवलोकन किया।

अधिकारियों ने ग्राम मानियाखापा में कृषक तेजराम डेहरिया के खेत का निरीक्षण किया, जहां प्राकृतिक खेती पद्धति के माध्यम से लौकी और ककड़ी की खेती की जा रही है। इसके बाद टीम ने किसान गुरुदयाल माहौरे के खेत पहुंचकर करेला उत्पादन का अवलोकन किया। अधिकारियों ने किसानों द्वारा बिना रासायनिक उर्वरकों के प्राकृतिक तरीके से की जा रही खेती की सराहना की और इसे अन्य किसानों के लिए प्रेरणादायक बताया।

भ्रमण के दौरान अधिकारियों ने किसान राजेश विश्वकर्मा के खेत का भी निरीक्षण किया, जहां इंडो-इजराइल हाई डेंसिटी तकनीक के माध्यम से आम की खेती की जा रही है। इसके साथ ही खेत में पशुपालन, मुर्गी पालन और सब्जी उत्पादन जैसी बहुआयामी गतिविधियां भी संचालित की जा रही हैं। अधिकारियों ने कहा कि इस तरह की मिश्रित खेती किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है और इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

उपसंचालक कृषि जितेन्द्र कुमार सिंह ने क्षेत्र में प्राकृतिक खेती के लगातार बढ़ते रकबे की प्रशंसा करते हुए किसानों को इसी दिशा में आगे बढ़ने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती न केवल मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने में सहायक है, बल्कि उत्पादन लागत को भी कम करती है। उन्होंने किसानों से जैविक और प्राकृतिक पद्धतियों को अपनाकर स्वास्थ्यवर्धक उत्पादन बढ़ाने का आह्वान किया।

इस दौरान किसानों को ई-विकास प्रणाली की जानकारी भी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि अब किसानों को रासायनिक उर्वरकों की उपलब्धता को लेकर परेशान होने की आवश्यकता नहीं है। ई-विकास प्रणाली के माध्यम से सभी किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराई जाएगी। अधिकारियों ने किसानों को समय पर पंजीयन और आवश्यक दस्तावेज अपडेट रखने की सलाह दी।

कृषि विभाग की टीम ने ग्राम रिधोरा और गाजनडोह के किसानों को ढैंचा के माध्यम से हरी खाद तैयार करने की जानकारी भी दी। अधिकारियों ने कहा कि ढैंचा की खेती मिट्टी की गुणवत्ता सुधारने और प्राकृतिक पोषक तत्व बढ़ाने में मददगार होती है। किसानों को विभाग के माध्यम से ढैंचा बीज प्राप्त करने की सलाह दी गई।

दौरे के अंत में अधिकारियों ने शासन द्वारा समर्थन मूल्य पर संचालित गेहूं खरीदी केंद्र वसुंधरा वेयर हाउस का निरीक्षण किया। यहां किसानों से चर्चा कर उपार्जन व्यवस्था की जानकारी ली गई तथा सभी समिति प्रबंधकों को नियमानुसार और पारदर्शी तरीके से गेहूं खरीदी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। कृषि विभाग के इस दौरे से किसानों में उत्साह देखने को मिला और उन्होंने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के प्रयासों की सराहना की।