सुकमा में किसानों को संगठित कर मजबूत बाजार व्यवस्था की पहल, शबरी नदी पर डेम निर्माण का प्रस्ताव

सुकमा में राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष कृष्ण प्रकाश सिंह चौहान ने किसानों को संगठित कर बड़े कृषि पैच और सीधी बाजार व्यवस्था की योजना रखी। साथ ही शबरी नदी पर डेम निर्माण का प्रस्ताव भी दिया।

Mar 30, 2026 - 14:33
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सुकमा में किसानों को संगठित कर मजबूत बाजार व्यवस्था की पहल, शबरी नदी पर डेम निर्माण का प्रस्ताव

 UNITED NEWS OF ASIA. रिजेंट गिरी, सुकमा।छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में किसानों के हित और क्षेत्रीय विकास को लेकर एक नई पहल सामने आई है। राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष कृष्ण प्रकाश सिंह चौहान ने प्रेसवार्ता के दौरान किसानों, युवाओं और विकास से जुड़े कई अहम मुद्दों को विस्तार से रखा। उन्होंने स्पष्ट किया कि संगठन का मुख्य उद्देश्य किसानों को संगठित कर उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है।

प्रेसवार्ता में उन्होंने बताया कि आने वाले समय में क्षेत्र के किसानों को एकजुट कर 200 से 500 एकड़ तक का बड़ा कृषि पैच तैयार किया जाएगा। इस पहल के तहत एक समिति का गठन किया जाएगा, जो पूरे कृषि क्षेत्र का संचालन करेगी। इस समिति के माध्यम से व्यापारियों और कंपनियों से सीधे कॉन्ट्रैक्ट किया जाएगा, जिससे किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए बेहतर और स्थायी बाजार मिल सकेगा।

उन्होंने विशेष रूप से ऑर्गेनिक खेती पर जोर देते हुए कहा कि उच्च गुणवत्ता वाली फसल, सब्जियां और फल उगाने वाले किसानों को प्राथमिकता दी जाएगी। इससे न केवल किसानों की आय बढ़ेगी, बल्कि बाजार में उनकी पहचान भी मजबूत होगी। इस व्यवस्था से बिचौलियों की भूमिका कम होगी और किसानों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य मिल सकेगा।

सिंचाई व्यवस्था को लेकर भी उन्होंने एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखा। उन्होंने शबरी नदी पर एराबोर से लेकर छिंदगढ़ तक सात बड़े डेम बनाने की बात कही। उनका सुझाव था कि इन डेमों को बरसात के समय खोल दिया जाए और अंतिम वर्षा के बाद बंद कर दिया जाए, ताकि जल संचयन हो सके और बाढ़ या भूमि डुबान की स्थिति भी न बने।

कृष्ण प्रकाश सिंह चौहान का मानना है कि इस योजना के लागू होने से क्षेत्र की सहायक नदियां पूरे साल पानी से भरी रहेंगी। इससे किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध होगा और खेती की उत्पादकता में भी वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि सुकमा जैसे आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्र में ऐसी योजनाएं विकास की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकती हैं।

इसके अलावा उन्होंने युवाओं को भी कृषि और संबंधित गतिविधियों से जोड़ने पर जोर दिया। उनका कहना है कि यदि युवाओं को सही दिशा और अवसर मिले, तो वे खेती को एक लाभकारी व्यवसाय के रूप में अपनाकर आत्मनिर्भर बन सकते हैं।

प्रेसवार्ता के दौरान उन्होंने सरकार से भी अपील की कि इन प्रस्तावों पर गंभीरता से विचार किया जाए और किसानों के हित में ठोस कदम उठाए जाएं।

कुल मिलाकर, सुकमा में किसानों को संगठित कर मजबूत बाजार व्यवस्था बनाने और सिंचाई के लिए डेम निर्माण का यह प्रस्ताव क्षेत्र के विकास के लिए एक सकारात्मक पहल के रूप में देखा जा रहा है। यदि यह योजनाएं धरातल पर उतरती हैं, तो इससे किसानों की आर्थिक स्थिति में बड़ा सुधार आ सकता है और क्षेत्र की कृषि व्यवस्था को नई दिशा मिल सकती है। united news of asia.