कोंडागांव में पुलिस की त्वरित कार्यवाही, पिता पर जानलेवा हमला करने वाला आरोपी बेटा गिरफ्तार
कोंडागांव जिले के माकड़ी थाना क्षेत्र में शराब के नशे में पिता की हत्या के प्रयास के आरोपी बेटे को पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने लकड़ी के टुकड़े से पिता पर हमला किया था, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
UNITED NEWS OF ASIA. रामकुमार भारद्वाज, कोंडागांव। जिले के माकड़ी थाना क्षेत्र में एक बेटे द्वारा अपने ही पिता पर जानलेवा हमला करने का मामला सामने आया है। पुलिस की त्वरित कार्यवाही के चलते आरोपी को घटना के कुछ ही घंटों में गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी ने शराब के नशे में अपने पिता पर हत्या की नियत से हमला किया था, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए।
मामले की जानकारी के अनुसार, 4 नवंबर 2025 की शाम लगभग 6 बजे ओटेण्डा प्लाटपारा निवासी बैजनाथ नेताम ने माकड़ी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। रिपोर्ट में बताया गया कि उसका बड़ा भाई संतुराम नेताम शराब के नशे में अक्सर माता-पिता और भाई-बहनों को धमकाता था। घटना वाले दिन उसके पिता काशीराम नेताम बैल चराकर घर लौटे और चाय पीने के बाद सोने के लिए रिश्तेदार गुड्डू मरकाम के घर जा रहे थे। उसी दौरान संतुराम नेताम ने उन्हें रोककर हाथ में रखी चौखटनुमा लकड़ी से जानलेवा हमला कर दिया।
हमले में काशीराम नेताम के सिर, पैर और हाथ में गंभीर चोटें आईं और खून बहने लगा। घायल को तत्काल ग्रामीणों की मदद से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र माकड़ी ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला अस्पताल कोंडागांव रेफर कर दिया।
प्रार्थी की रिपोर्ट पर पुलिस ने तत्काल अपराध क्रमांक 43/2025 धारा 109, 127 (1) भादंवि के तहत मामला दर्ज कर जांच प्रारंभ की। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिले के नए पुलिस अधीक्षक पंकज चन्द्रा ने आरोपी की शीघ्र गिरफ्तारी के निर्देश दिए। उनके निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कौशलेन्द्र देव पटेल और अनुविभागीय अधिकारी पुलिस रूपेश कुमार के मार्गदर्शन में माकड़ी थाना प्रभारी निरीक्षक विकास बघेल के नेतृत्व में टीम गठित की गई।
पुलिस टीम ने सघन खोजबीन के बाद आरोपी संतुराम नेताम को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उसने अपराध स्वीकार किया। आरोपी को आज 5 नवंबर को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जिसके बाद उसे जेल भेज दिया गया।
इस कार्रवाई में सहायक उपनिरीक्षक गिरीश कतलम्, प्रधान आरक्षक निर्मल मण्डावी, आरक्षक मोनाराम मण्डावी, राजू पानीग्राही, बेनेदिक्त खलखो और गंगाराम मरकाम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
पुलिस अधीक्षक पंकज चन्द्रा ने मामले में तेजी से की गई कार्रवाई की सराहना की और कहा कि घरेलू हिंसा या पारिवारिक विवाद के मामलों में कानून के दायरे में रहकर सख्त कदम उठाए जाएंगे, ताकि समाज में कानून व्यवस्था बनी रहे।
यह घटना न केवल परिवारिक तनाव की भयावह स्थिति को दर्शाती है, बल्कि यह भी बताती है कि नशे की लत किस तरह परिवार और समाज को तोड़ सकती है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि ऐसे मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।