6 माह से लंबित भुगतान को लेकर श्रमिक कल्याण संघ का ज्ञापन, किसानों और कर्मचारियों की आर्थिक परेशानी बढ़ी

पंडरिया शक्कर कारखाना श्रमिक कल्याण संघ ने श्रमिकों के जनवरी और फरवरी माह के लगभग छह माह से लंबित भुगतान को लेकर प्रबंधन को ज्ञापन सौंपा है। संघ का आरोप है कि मजदूरों, सुरक्षा गार्डों और किसानों का भुगतान लंबे समय से अटका हुआ है, जिससे आर्थिक संकट गहरा गया है। संघ ने जल्द भुगतान नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी भी दी है।

Jun 3, 2026 - 11:08
Jun 3, 2026 - 11:55
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6 माह से लंबित भुगतान को लेकर श्रमिक कल्याण संघ का ज्ञापन, किसानों और कर्मचारियों की आर्थिक परेशानी बढ़ी

UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव, कवर्धा l  पंडरिया शक्कर कारखाना श्रमिक कल्याण संघ ने श्रमिकों के लंबे समय से लंबित भुगतान को लेकर प्रबंध संचालक को ज्ञापन सौंपते हुए तत्काल भुगतान की मांग की है। संघ का कहना है कि जनवरी और फरवरी माह का वेतन पिछले लगभग छह माह से लंबित है, जिसके कारण श्रमिकों और उनके परिवारों को गंभीर आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

संघ के पदाधिकारियों के अनुसार बढ़ती महंगाई के बीच मजदूरों के सामने परिवार का भरण-पोषण करना चुनौती बन गया है। बच्चों की स्कूल और कॉलेज फीस, खेती-किसानी के खर्च, कॉपी-किताबों की खरीद तथा दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति प्रभावित हो रही है। श्रमिकों का कहना है कि समय पर भुगतान नहीं मिलने से उनकी आर्थिक स्थिति लगातार कमजोर होती जा रही है।

ज्ञापन में प्रबंधन का ध्यान इस ओर भी आकर्षित किया गया कि श्रमिक किसी भी औद्योगिक इकाई की रीढ़ होते हैं और उनके श्रम का उचित एवं समय पर भुगतान होना आवश्यक है। संघ ने मांग की है कि लंबित वेतन का शीघ्र भुगतान कर श्रमिकों को राहत प्रदान की जाए। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि भुगतान में और देरी होती है तो कर्मचारियों में असंतोष बढ़ सकता है।

संघ ने कारखाने के वर्तमान संचालन को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि प्रबंधन द्वारा पूर्व में कारखाने में सुधार, आउटसोर्सिंग कम करने, बाहरी ठेका व्यवस्था समाप्त करने और समय पर भुगतान सुनिश्चित करने जैसे दावे किए गए थे, लेकिन स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हो सका। संघ का कहना है कि कई श्रमिकों की सेवाएं समाप्त होने से रोजगार का संकट भी पैदा हुआ है।

मामले में किसानों की समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया गया है। संघ के अनुसार पेराई सत्र 2025-26 से संबंधित गन्ने का मूल भुगतान अभी तक लंबित है। किसानों को खरीफ सीजन की तैयारियों, बीज, खाद, बैंक ऋण की किश्तों और घरेलू जरूरतों के लिए धन की आवश्यकता है, लेकिन भुगतान नहीं मिलने से उन्हें आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। किसानों में इस स्थिति को लेकर नाराजगी और चिंता बढ़ रही है।

संघ का कहना है कि यदि किसानों का भुगतान समय पर नहीं किया गया तो आगामी पेराई सत्र में किसान कारखाने को गन्ना उपलब्ध कराने से पीछे हट सकते हैं। इससे कारखाने के संचालन और उत्पादन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है। इसलिए किसानों के लंबित भुगतान को भी प्राथमिकता के आधार पर जारी किया जाना चाहिए।

सुरक्षा गार्डों की समस्याओं को लेकर भी संघ ने चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि कारखाने की सुरक्षा में चौबीसों घंटे तैनात रहने वाले सुरक्षा कर्मियों को भी समय पर वेतन नहीं मिल रहा है। आर्थिक संकट के कारण उनके परिवार प्रभावित हो रहे हैं और कार्यस्थल पर आवश्यक सुविधाओं की कमी भी महसूस की जा रही है।

श्रमिक कल्याण संघ ने मांग की है कि मजदूरों, सुरक्षा गार्डों और किसानों के लंबित भुगतान को जल्द जारी किया जाए तथा उनकी समस्याओं का समाधान किया जाए। संघ ने कहा है कि यदि कर्मचारियों और किसानों की जायज मांगों पर शीघ्र ध्यान नहीं दिया गया तो संगठन आगे की रणनीति तय कर आंदोलनात्मक कदम उठाने के लिए बाध्य होगा।

नोट : यह समाचार श्रमिक कल्याण संघ द्वारा जारी ज्ञापन और लगाए गए आरोपों पर आधारित है। आरोपों और दावों पर संबंधित प्रबंधन का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रकाशित किया जाएगा।