छात्र-छात्राओं को दिया गया फायर सेफ्टी का लाइव प्रशिक्षण, आपात स्थिति से निपटने के बताए गए तरीके
रायपुर स्थित सेंट्रल लाइब्रेरी और नालंदा परिसर में राज्य आपदा संकट मोचन बल एवं पुलिस द्वारा लगभग 200 छात्र-छात्राओं को फायर सेफ्टी का लाइव प्रशिक्षण दिया गया। इस दौरान आग लगने की स्थिति में सुरक्षित निकासी और फायर एक्सटिंग्विशर के उपयोग की व्यावहारिक जानकारी दी गई।
UNITED NEWS OF ASIA. हसिब अख्तर, रायपुर | आज दिनांक 15 दिसंबर 2025 को श्रीमान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महोदय के निर्देशानुसार राज्य आपदा संकट मोचन बल (अग्नि शमन), छत्तीसगढ़ एवं थाना सरस्वती नगर पुलिस के संयुक्त तत्वावधान में सेंट्रल लाइब्रेरी और नालंदा परिसर रायपुर में फायर सेफ्टी का लाइव प्रशिक्षण आयोजित किया गया। इस प्रशिक्षण में सेंट्रल लाइब्रेरी और नालंदा परिसर में अध्ययनरत लगभग 200 छात्र एवं छात्राओं ने भाग लिया।
प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों द्वारा आग लगने की स्थिति में घबराए बिना सुरक्षित तरीके से बाहर निकलने के उपायों की विस्तृत जानकारी दी गई। छात्रों को बताया गया कि किसी भी आपात स्थिति में किस प्रकार निकासी मार्ग का उपयोग करना चाहिए और भीड़भाड़ से बचते हुए अनुशासन के साथ सुरक्षित स्थान तक पहुंचना कितना आवश्यक है।
इसके साथ ही लाइब्रेरी परिसर में उपलब्ध फायर एक्सटिंग्विशर (अग्निशमन यंत्र) के सही उपयोग का लाइव डेमो भी दिया गया। छात्रों को विभिन्न प्रकार की आग और उनके अनुसार उपयुक्त अग्निशमन यंत्रों की पहचान, पिन खोलने, नोजल की दिशा तय करने और आग पर प्रभावी ढंग से काबू पाने की प्रक्रिया को व्यावहारिक रूप से समझाया गया।
अधिकारियों ने छात्रों को आग से बचाव के प्राथमिक उपाय, विद्युत उपकरणों के सुरक्षित उपयोग, शॉर्ट सर्किट से बचने के तरीके तथा आपदा के समय सतर्कता और टीमवर्क के महत्व पर भी प्रकाश डाला। प्रशिक्षण का उद्देश्य छात्रों को आपदा प्रबंधन के प्रति जागरूक बनाना और किसी भी आकस्मिक स्थिति में आत्मनिर्भर बनाना रहा।
कार्यक्रम के अंत में छात्रों ने प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी बताते हुए भविष्य में भी इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने की मांग की। पुलिस एवं आपदा प्रबंधन बल द्वारा बताया गया कि इस तरह के प्रशिक्षण आगे भी शैक्षणिक संस्थानों में निरंतर आयोजित किए जाएंगे, ताकि युवाओं को सुरक्षा के प्रति जागरूक और सक्षम बनाया जा सके।