राज्य अल्पसंख्यक आयोग द्वारा गुरु तेग बहादुर जी की 350वीं शहीदी शताब्दी पर विशाल रक्तदान एवं स्वास्थ्य शिविर

गुरु तेग बहादुर जी की 350वीं शहीदी शताब्दी पर राज्य अल्पसंख्यक आयोग ने रायपुर में विशाल रक्तदान व स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया, जिसमें 109 यूनिट रक्त संग्रहित हुआ और 250+ लोगों की स्वास्थ्य जांच की गई। सिकल सेल व थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों के लिए यह शिविर जीवनदायी पहल साबित हुआ।

Dec 1, 2025 - 11:32
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राज्य अल्पसंख्यक आयोग द्वारा गुरु तेग बहादुर जी की 350वीं शहीदी शताब्दी पर विशाल रक्तदान एवं स्वास्थ्य शिविर

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह,रायपुर | छत्तीसगढ़ राज्य अल्पसंख्यक आयोग द्वारा  गुरु तेग बहादुर जी की 350वीं शहीदी शताब्दी के पावन अवसर पर गुरुद्वारा गुरु नानक नगर, श्याम नगर (तेलीबांधा) रायपुर में विशाल रक्तदान एवं निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का सफल आयोजन किया गया।

शिविर का आयोजन बिलासा ब्लड सेंटर, छत्तीसगढ़ सिख काउंसिल, और गुरुद्वारा गुरु नानक नगर समूह साध संगत के सहयोग से किया गया। सुबह 9 बजे से ही बड़ी संख्या में नागरिक रक्तदान और स्वास्थ्य जांच के लिए शिविर स्थल पर पहुँचने लगे थे। आयोजन से पहले व्यापक जनजागरूकता चलाकर रक्तदाताओं का पंजीयन कराया गया था।

सांयकाल तक चले इस शिविर में कुल 109 यूनिट रक्त एकत्र किया गया तथा 250 से अधिक लोगों का निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। रक्त का उपयोग विशेष रूप से सिकल सेल और थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों के उपचार के लिए सुरक्षित किया गया, जिससे कई परिवारों में नई उम्मीद जगी है।

इस अवसर पर राज्य अल्पसंख्यक आयोग ने अल्पसंख्यक समुदाय के लिए विशेष स्वास्थ्य कार्ड भी जारी किए। इन कार्डों के माध्यम से आगे चलकर स्वास्थ्य परीक्षण एवं उपचार में रियायत उपलब्ध कराई जाएगी।

आयोग के अध्यक्ष अमरजीत सिंह छाबड़ा ने रक्तदाताओं को सम्मानित करते हुए बताया कि—
• सिख रक्तदाताओं को साढ़े सात मीटर की केसरिया पगड़ी,
• सामान्य रक्तदाताओं को हेलमेट,
• वहीं युवतियों को हेलमेट और केसरिया चुनरी स्मृति स्वरूप भेंट की गई।

शिविर में बिलासा ब्लड बैंक की  सोनल रघुवंशी, छत्तीसगढ़ सिख काउंसिल के महासचिव  गगन हंसपाल, जिला अध्यक्ष गुरदीप टुटेजा, जस्सी खनूजा, हरविंदर सिंह, जसबीर सिंह, इंद्रजीत सिंह, राजविंदर सिंह खालसा तथा गुरुद्वारा गुरु नानक नगर के अध्यक्ष  लवली खालसा सहित अनेक गणमान्य नागरिक और सेवादार उपस्थित रहे।

यह आयोजन गुरु तेग बहादुर जी के बलिदान, मानवता, सेवा और त्याग के संदेश को जीवंत करता है। साथ ही यह शिविर न केवल रक्तदान तक सीमित रहा, बल्कि सिकल सेल पीड़ित बच्चों के लिए जीवनदायिनी पहल के रूप में समाज के लिए प्रेरणास्रोत साबित हुआ।