एमसीबी में जनसंख्या स्थिरता पखवाड़े का आगाज, जागरूकता रथ को सीएमएचओ ने दिखाई हरी झंडी

एमसीबी जिले में जनसंख्या स्थिरता पखवाड़े की शुरुआत जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर की गई। अभियान के तहत 11 से 18 जुलाई तक परिवार नियोजन, मातृ-शिशु स्वास्थ्य और छोटे परिवार के महत्व को लेकर ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।

Jul 13, 2026 - 16:07
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एमसीबी में जनसंख्या स्थिरता पखवाड़े का आगाज, जागरूकता रथ को सीएमएचओ ने दिखाई हरी झंडी

UNITED NEWS OF ASIA. हेमंत कुमार, एमसीबी l छत्तीसगढ़ के एमसीबी जिले में जनसंख्या स्थिरता पखवाड़े का विधिवत शुभारंभ किया गया। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के निर्देशानुसार 11 से 18 जुलाई तक चलने वाले इस विशेष अभियान की शुरुआत 220 बिस्तरीय सिविल अस्पताल, मनेंद्रगढ़ से जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर की गई। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी अविनाश खरे ने अभियान का शुभारंभ करते हुए कहा कि जनसंख्या स्थिरता केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि स्वस्थ और समृद्ध समाज की आधारशिला है।

जागरूकता रथ जिले के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों का भ्रमण कर लोगों को परिवार नियोजन, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य तथा छोटे परिवार के महत्व के प्रति जागरूक करेगा। अभियान का मुख्य संदेश "जब बच्चों में हो सही अंतराल, परिवार बने स्वस्थ और खुशहाल" रखा गया है। इसके माध्यम से योग्य दंपत्तियों को परिवार नियोजन के सुरक्षित और प्रभावी उपायों की जानकारी दी जाएगी।

अविनाश खरे ने कहा कि दो बच्चों के जन्म के बीच उचित अंतराल रखने से मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी आती है। साथ ही माता और बच्चे दोनों का शारीरिक तथा मानसिक स्वास्थ्य बेहतर रहता है। उन्होंने लोगों से परिवार नियोजन संबंधी सुविधाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की।

कार्यक्रम में अस्पताल अधीक्षक स्वप्निल तिवारी सहित स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ और मैदानी स्वास्थ्य कर्मी उपस्थित रहे। स्वप्निल तिवारी ने बताया कि जनसंख्या स्थिरता पखवाड़े के दौरान गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच, सुरक्षित प्रसव, नवजात शिशुओं की देखभाल तथा परिवार नियोजन के विभिन्न साधनों के प्रति विशेष जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।

अभियान के तहत इच्छुक दंपत्तियों के लिए पुरुष एवं महिला नसबंदी की निःशुल्क सुविधा उपलब्ध रहेगी। इसके अलावा कॉपर-टी (पीपीआईयूसीडी एवं पीएआईयूसीडी), अंतरा इंजेक्शन, छाया गोली और कंडोम जैसे अस्थायी परिवार नियोजन साधनों का भी निःशुल्क वितरण किया जाएगा। सभी शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों में योग्य काउंसलरों द्वारा परिवार कल्याण संबंधी परामर्श भी दिया जाएगा।

स्वास्थ्य विभाग ने अभियान को सफल बनाने के लिए एएनएम, मितानिन और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भी सक्रिय किया है। ये स्वास्थ्य कार्यकर्ता घर-घर जाकर योग्य दंपत्तियों से संपर्क करेंगे और उन्हें परिवार नियोजन के लाभ तथा उपलब्ध सेवाओं की जानकारी देंगे।

स्वास्थ्य विभाग ने जिले के सभी नागरिकों से अपील की है कि वे अपने नजदीकी शासकीय अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर उपलब्ध निःशुल्क सेवाओं का लाभ लें। विभाग का मानना है कि जनभागीदारी से ही जनसंख्या स्थिरता का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। यह अभियान केवल परिवार नियोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि मातृ-शिशु स्वास्थ्य, बेहतर पोषण और स्वस्थ समाज के निर्माण की दिशा में भी महत्वपूर्ण पहल है।