मनेंद्रगढ़ के 220 बिस्तर अस्पताल में एक दिन में 8 सफल सर्जरी, स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा सुधार

मनेंद्रगढ़ के 220 बिस्तर अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं में लगातार सुधार देखने को मिल रहा है। अस्पताल में एक ही दिन में 8 सफल सर्जरी कर नई उपलब्धि हासिल की गई। आधुनिक सुविधाओं, विशेषज्ञ डॉक्टरों और बेहतर प्रबंधन के कारण अब मरीजों को बड़े शहरों में रेफर करने की आवश्यकता कम हो रही है। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के प्रयासों से अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्था मजबूत हुई है।

May 27, 2026 - 11:57
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मनेंद्रगढ़ के 220 बिस्तर अस्पताल में एक दिन में 8 सफल सर्जरी, स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा सुधार

UNITED NEWS  OF ASIA. जमील अंसारी l मनेंद्रगढ़ स्थित 220 बिस्तर अस्पताल क्षेत्र में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का भरोसेमंद केंद्र बनता जा रहा है। अस्पताल में आधुनिक सुविधाओं और विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता के कारण अब मरीजों को बड़ी संख्या में राहत मिल रही है। हाल ही में अस्पताल ने एक दिन में 8 सफल सर्जरी कर स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में नई उपलब्धि हासिल की है। इस सफलता को चिकित्सा व्यवस्था में हुए लगातार सुधार का परिणाम माना जा रहा है।

अस्पताल प्रबंधन के अनुसार पहले यहां सीमित संख्या में ही ऑपरेशन हो पाते थे, लेकिन अब विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति, अत्याधुनिक उपकरणों और बेहतर प्रबंधन के चलते ऑपरेशन की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसका सबसे बड़ा फायदा मनेंद्रगढ़ और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को मिल रहा है, जिन्हें पहले गंभीर मामलों में बड़े शहरों की ओर रेफर किया जाता था।

अस्पताल में जनरल सर्जरी, ऑर्थोपेडिक और ईएनटी विभाग की ओर से विभिन्न प्रकार की सर्जरी सफलतापूर्वक की गईं। इनमें स्क्रोटम में गंभीर चोट के बाद सर्जरी, हाइड्रोसील ऑपरेशन, सिस्ट सर्जरी, एब्सेस ऑपरेशन, पैर के अंगूठे का अम्प्यूटेशन और फ्रैक्चर से जुड़ी सर्जरी जैसी प्रक्रियाएं शामिल रहीं।

मरीज विशाल सिंह का गंभीर चोट के बाद सफल ऑपरेशन किया गया, जबकि सोना का लेटरल एनल स्फिंक्टरोटॉमी ऑपरेशन संपन्न हुआ। रामचरण का हाइड्रोसील ऑपरेशन और इवर्जन ऑफ सैक प्रक्रिया की गई। इसके अलावा धनेश्वरी, अनुपमा, गौरी, आशाबाई और अंशुल सहित अन्य मरीजों की भी सफल सर्जरी की गई।

सभी ऑपरेशन विशेषज्ञ चिकित्सकों और प्रशिक्षित ओटी स्टाफ की निगरानी में किए गए। ऑपरेशन टीम में ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञ डॉ. प्रकाश जायसवाल, एनेस्थेटिस्ट डॉ. एल.पी. मराबी, डॉ. फिरोज शेख, जनरल सर्जन डॉ. राजीव गुप्ता और ईएनटी सर्जन डॉ. अलेख सिदार की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वहीं ओटी इंचार्ज पुष्पा पटेल, प्रियंका साहू, मुकेश शर्मा, आकांक्षा जायसवाल और संजय द्विवेदी ने भी ऑपरेशन प्रक्रियाओं को सफल बनाने में अहम योगदान दिया।

अस्पताल की इस उपलब्धि के पीछे स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के प्रयासों को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उनके मार्गदर्शन में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए लगातार काम किया जा रहा है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अविनाश खरे और अस्पताल अधीक्षक डॉ. स्वप्निल तिवारी के नेतृत्व में अस्पताल में चिकित्सा सेवाओं का विस्तार तेजी से हुआ है।

अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि आने वाले समय में और अधिक आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जाएगा। स्वास्थ्य सेवाओं में हुए सुधार से मरीजों और उनके परिजनों का भरोसा बढ़ा है। अब स्थानीय लोगों को इलाज के लिए दूर-दराज के बड़े शहरों का रुख कम करना पड़ रहा है, जिससे समय और आर्थिक खर्च दोनों की बचत हो रही है।