सिंघोड़ा के सागरपाली गांव में खेतों में लगी भीषण आग, शॉर्ट सर्किट से हुआ हादसा
महासमुंद जिले के सरायपाली ब्लॉक अंतर्गत सागरपाली गांव में खेतों में अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया। भीषण गर्मी के बीच सब स्टेशन में शॉर्ट सर्किट और कालिंद्रा फीडर का तार टूटने से आग फैल गई। ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
UNITED NEWS OF ASIA. जगदीश पटेल, महासमुंद l महासमुंद जिले के सरायपाली ब्लॉक अंतर्गत सिंघोड़ा क्षेत्र के सागरपाली गांव में खेतों में अचानक भीषण आग लगने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही देर में आसपास के खेत इसकी चपेट में आने लगे। ग्रामीणों ने समय रहते मोर्चा संभालते हुए कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, जिससे बड़ा नुकसान टल गया।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार भीषण गर्मी के कारण सागरपाली सब स्टेशन में शॉर्ट सर्किट हुआ था। इसी दौरान कालिंद्रा फीडर का बिजली तार टूटकर नीचे गिर गया, जिससे खेतों में आग लग गई। तेज गर्मी और सूखी घास होने के कारण आग तेजी से फैलने लगी। आग की लपटें और धुआं देखकर ग्रामीणों में दहशत का माहौल बन गया।
घटना की जानकारी मिलते ही गांव के लोग तुरंत खेतों की ओर दौड़े और आग बुझाने में जुट गए। ग्रामीणों ने पानी, मिट्टी और पेड़ की डालियों की मदद से आग को फैलने से रोकने का प्रयास किया। कई घंटों की मेहनत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय पर आग नहीं बुझाई जाती तो आसपास की बड़ी फसलें और खेत पूरी तरह जल सकते थे।
ग्रामीणों ने बताया कि गर्मी के मौसम में बिजली तारों और सब स्टेशन की स्थिति को लेकर पहले भी चिंता जताई गई थी। लगातार बढ़ते तापमान के कारण बिजली व्यवस्था पर दबाव बढ़ रहा है, जिससे शॉर्ट सर्किट और तार टूटने जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं। लोगों का कहना है कि समय रहते मरम्मत और निगरानी नहीं होने से इस तरह के हादसों का खतरा बना रहता है।
घटना की सूचना मिलने के बाद बिजली विभाग की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने फीडर लाइन और सब स्टेशन की जांच शुरू कर दी है। विभागीय कर्मचारियों ने टूटे हुए तारों को हटाकर बिजली व्यवस्था बहाल करने की प्रक्रिया शुरू की। साथ ही यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि आखिर तकनीकी खराबी किस वजह से हुई।
हालांकि इस घटना में किसी जनहानि की सूचना नहीं मिली है, लेकिन खेतों में लगी आग से किसानों को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। आग से खेतों में मौजूद सूखी घास और कुछ कृषि सामग्री जलकर राख हो गई। प्रशासन द्वारा नुकसान का आकलन किए जाने की बात कही जा रही है।
भीषण गर्मी के मौसम में आगजनी की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि तेज तापमान और सूखे वातावरण के कारण बिजली लाइनों के आसपास अधिक सतर्कता बरतने की जरूरत है। ग्रामीण क्षेत्रों में समय-समय पर बिजली लाइनों का निरीक्षण और रखरखाव बेहद जरूरी हो गया है।
फिलहाल गांव में स्थिति सामान्य है, लेकिन घटना के बाद ग्रामीणों में बिजली व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ गई है। लोगों ने प्रशासन और बिजली विभाग से मांग की है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए स्थायी और प्रभावी कदम उठाए जाएं।