नन्ही पर्वतारोही ग्रिहिता विचारे ने गौरलाटा चोटी पर लहराया तिरंगा, रचा नया रिकॉर्ड

मुंबई की नन्ही पर्वतारोही ग्रिहिता विचारे ने छत्तीसगढ़ की सबसे ऊंची चोटी गौरलाटा पर तिरंगा फहराकर नया कीर्तिमान स्थापित किया। बलरामपुर जिले के सामरी क्षेत्र में हुई इस उपलब्धि के साथ उन्होंने ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ का संदेश दिया। स्थानीय लोगों ने उनका भव्य स्वागत किया।

May 9, 2026 - 12:50
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नन्ही पर्वतारोही ग्रिहिता विचारे ने गौरलाटा चोटी पर लहराया तिरंगा, रचा नया रिकॉर्ड

UNITED NEWS OF ASIA. अली खान, बलरामपुर l छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के सामरी क्षेत्र स्थित गौरलाटा चोटी पर एक ऐतिहासिक और प्रेरणादायक उपलब्धि दर्ज की गई है। मुंबई की नन्ही पर्वतारोही ग्रिहिता विचारे ने राज्य की सबसे ऊंची चोटी गौरलाटा पर सफलतापूर्वक चढ़ाई कर तिरंगा फहराया और एक नया रिकॉर्ड स्थापित किया। उनकी इस उपलब्धि ने पूरे क्षेत्र में गर्व और उत्साह का माहौल बना दिया है।

ग्रिहिता विचारे ने कठिन और चुनौतीपूर्ण पर्वतारोहण के बावजूद गौरलाटा चोटी को फतह कर देश को एक मजबूत संदेश दिया। उन्होंने अपनी इस उपलब्धि के माध्यम से ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान को भी मजबूती से आगे बढ़ाया है। छोटी उम्र में इतनी बड़ी सफलता हासिल कर उन्होंने यह साबित किया है कि अगर हौसले बुलंद हों तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता।

जानकारी के अनुसार ग्रिहिता विचारे इससे पहले भी कई अंतरराष्ट्रीय स्तर की पर्वत चोटियों को सफलतापूर्वक फतह कर चुकी हैं। इनमें अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटी माउंट किलिमंजारो और हिमालय का प्रसिद्ध एवरेस्ट बेस कैंप शामिल हैं। इतनी कम उम्र में उनका यह रिकॉर्ड देशभर के युवाओं और विशेषकर बालिकाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गया है।

गौरलाटा चोटी पर तिरंगा फहराने के बाद स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने ग्रिहिता विचारे का जोरदार स्वागत किया। सामरी क्षेत्र में उनके पहुंचने पर उत्साह का माहौल देखने को मिला। ग्रामीणों ने उन्हें देश का गौरव बताते हुए उनकी उपलब्धि की सराहना की और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने भी इस उपलब्धि को क्षेत्र के लिए गौरवपूर्ण क्षण बताया। उनका कहना है कि इस तरह की उपलब्धियां न केवल क्षेत्र का नाम रोशन करती हैं, बल्कि युवाओं को भी आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हैं। गौरलाटा चोटी पर तिरंगा फहराना इस बात का प्रतीक है कि छत्तीसगढ़ की बेटियां हर क्षेत्र में देश का नाम रोशन कर रही हैं।

ग्रिहिता विचारे की यह उपलब्धि विशेष रूप से इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि गौरलाटा चोटी छत्तीसगढ़ की सबसे ऊंची और चुनौतीपूर्ण पर्वत चोटियों में से एक है। यहां तक पहुंचना आसान नहीं होता, लेकिन उनके साहस और दृढ़ संकल्प ने इस कठिन कार्य को संभव बना दिया।

इस उपलब्धि के बाद पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है और लोग इसे ऐतिहासिक क्षण के रूप में देख रहे हैं। ग्रिहिता विचारे की यह सफलता आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगी और देश में पर्वतारोहण के क्षेत्र में नई ऊर्जा का संचार करेगी।