महादेव सट्टा ऐप मामले में ईडी की बड़ी कार्रवाई, विकास गर्ग से जुड़ी 940.77 करोड़ की संपत्तियां जब्त
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने महादेव सट्टा ऐप मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए विकास गर्ग और उनके परिवार से जुड़ी संस्थाओं की लगभग 940.77 करोड़ रुपये मूल्य की चल और अचल संपत्तियां जब्त की हैं। ईडी के अनुसार, यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत की गई है। मामले में अब तक कुल लगभग 3,800 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त की जा चुकी हैं।
UNITED NEWS OF ASIA. रायपुर l महादेव सट्टा ऐप से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने एक और बड़ी कार्रवाई की है। ईडी के रायपुर क्षेत्रीय कार्यालय ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत आरोपी विकास गर्ग और उनके परिवार के सदस्यों के स्वामित्व एवं नियंत्रण वाली संस्थाओं की लगभग 940.77 करोड़ रुपये मूल्य की चल और अचल संपत्तियां अस्थायी रूप से जब्त (प्रोविजनल अटैचमेंट) की हैं।
ईडी के अनुसार, जब्त की गई संपत्तियों में आवासीय संपत्तियां, विभिन्न स्थानों की जमीन, इक्विटी शेयर और अन्य वित्तीय प्रतिभूतियां शामिल हैं। एजेंसी का कहना है कि ये संपत्तियां कथित तौर पर अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी से अर्जित धन से खरीदी गई थीं।
जांच की शुरुआत छत्तीसगढ़ के दुर्ग, आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल और अन्य राज्यों में दर्ज विभिन्न एफआईआर के आधार पर की गई थी। इन मामलों में ऑनलाइन सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म के संचालकों, प्रमोटरों और उनके सहयोगियों पर आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और जालसाजी जैसे आरोप लगाए गए हैं।
ईडी की जांच में दावा किया गया है कि महादेव ऑनलाइन बुक और स्काई एक्सचेंज नामक कथित अवैध सट्टेबाजी नेटवर्क विदेशों से संचालित फ्रेंचाइजी आधारित पैनल सिस्टम के माध्यम से काम कर रहा था। एजेंसी के अनुसार, इस नेटवर्क से हर महीने 450 करोड़ रुपये से अधिक की कथित अवैध आय अर्जित की जा रही थी।
जांच एजेंसी का यह भी आरोप है कि इस कथित अवैध आय को कई स्तरों वाली वित्तीय संरचना, शेल कंपनियों और कथित 'अकोमोडेशन एंट्री' के माध्यम से वैध दिखाने का प्रयास किया गया। ईडी के अनुसार, इसी प्रक्रिया के जरिए लगभग 940.77 करोड़ रुपये विकास गर्ग के स्वामित्व और नियंत्रण वाली संस्थाओं तक पहुंचाए गए, जिनका उपयोग शेयर, प्रतिभूतियों और अन्य संपत्तियां खरीदने में किया गया।
ईडी ने बताया कि इस मामले में पहले ही सात प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर जारी किए जा चुके हैं। साथ ही विशेष PMLA न्यायालय, रायपुर में अभियोजन शिकायतें और पूरक अभियोजन शिकायतें भी दाखिल की गई हैं। एजेंसी के अनुसार, विशेष न्यायालय ने मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े अपराध का संज्ञान भी लिया है।
इस कार्रवाई से पहले भी ईडी महादेव सट्टा ऐप मामले में लगभग 2,825 करोड़ रुपये मूल्य की चल एवं अचल संपत्तियां, जिनमें कुछ विदेशी संपत्तियां भी शामिल हैं, जब्त कर चुकी है। ताजा कार्रवाई के बाद इस मामले में जब्त की गई कुल संपत्तियों का मूल्य लगभग 3,800 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
प्रवर्तन निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि मामले की जांच अभी जारी है और जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे भी आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।