क्रीड़ा भारती का दो दिवसीय प्रांत आवासीय सम्मेलन संपन्न, कवर्धा जिला टीम ने निभाई सक्रिय भूमिका
क्रीड़ा भारती छत्तीसगढ़ प्रांत का दो दिवसीय आवासीय सम्मेलन सिंधु भवन में संपन्न हुआ। सम्मेलन में प्रदेशभर से आए कार्यकर्ताओं ने खेल संस्कृति, पारंपरिक खेलों के संरक्षण और राष्ट्र निर्माण में खेलों की भूमिका पर मंथन किया। कवर्धा जिले की टीम ने भी सम्मेलन में सक्रिय सहभागिता निभाई।
UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव, कवर्धा l "क्रीड़ा से निर्माण चरित्र का, चरित्र से निर्माण राष्ट्र का" ध्येय वाक्य के साथ क्रीड़ा भारती छत्तीसगढ़ प्रांत का दो दिवसीय आवासीय सम्मेलन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। सिंधु भवन में आयोजित इस सम्मेलन में प्रदेशभर से आए पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और खेल प्रेमियों ने भाग लिया तथा खेल संस्कृति के संवर्धन और संगठन विस्तार को लेकर महत्वपूर्ण विचार-विमर्श किया।
सम्मेलन का शुभारंभ 6 जून को उद्घाटन सत्र के साथ हुआ। इस अवसर पर अमर अग्रवाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। सत्र की अध्यक्षता नगर अध्यक्ष सौरभराय ने की। मंच पर प्रांत मंत्री सुमित उपाध्याय सहित संगठन के कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे। सम्मेलन में सह मंत्री डॉक्टर तारणिश गौतम, प्रांत संगठन मंत्री कौशलेंद्र पटेल, प्रांत कार्यकारिणी सदस्य जसविंदर बग्गा, रत्नेश सिंह, आरती मिश्रा, विभाग प्रमुख हर्षा साहू, सह मंत्री छगन सोनवानी, अजय दीप सारंग और गोपेश्वर कहरा ने विभिन्न विषयों पर मार्गदर्शन दिया
कवर्धा जिले से भी प्रतिनिधिमंडल ने सम्मेलन में सक्रिय भागीदारी निभाई। जिले की ओर से गिरीश चंद्रवंशी, संजय तिवारी, दीपक ठाकुर, नितिन रूसिया और अमित पाण्डे सम्मेलन में शामिल हुए। सम्मेलन के दूसरे दिन प्रांत टोली सदस्य जसविंदर बग्गा ने "क्रीड़ा भारती, खेल विमर्श और मीडिया की भूमिका" विषय पर विस्तृत विचार रखे। उन्होंने खेलों के प्रचार-प्रसार और सकारात्मक खेल संस्कृति के निर्माण में मीडिया की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
दो दिवसीय आयोजन के दौरान कई विषयों पर अलग-अलग सत्र आयोजित किए गए। प्रदेशभर से आए कार्यकर्ताओं ने कुल नौ सत्रों में भाग लेते हुए खेल संस्कृति के संवर्धन, पारंपरिक खेलों के संरक्षण, युवाओं में खेल भावना के विकास और राष्ट्र निर्माण में खेलों की भूमिका पर गहन चर्चा की।
सम्मेलन के प्रथम दिवस आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम ने प्रतिभागियों का विशेष रूप से ध्यान आकर्षित किया। इस दौरान पारंपरिक भारतीय खेलों की जानकारी साझा की गई और उनके संरक्षण की आवश्यकता पर बल दिया गया। योग अभ्यास और जुम्बा सत्रों के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश भी दिया गया।
सम्मेलन में संगठन विस्तार को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। सभी जिलों में जिला स्तरीय सम्मेलन आयोजित करने तथा विकासखंड स्तर पर कार्यकारिणी गठन की योजना को अंतिम रूप दिया गया। इसके अलावा 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर अधिकाधिक कार्यक्रम आयोजित करने और 29 अगस्त को राष्ट्रीय खेल दिवस पर खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन करते हुए खेल सप्ताह मनाने का निर्णय लिया गया।
सम्मेलन का समापन खेलों के माध्यम से स्वस्थ, संस्कारित और संगठित समाज के निर्माण के संकल्प के साथ हुआ। उपस्थित कार्यकर्ताओं ने खेल संस्कृति को जन-जन तक पहुंचाने और युवाओं को खेल गतिविधियों से जोड़ने के लिए सक्रिय रूप से कार्य करने का संकल्प लिया।