अमेरिका में चीनी AI रोबोट्स पर लग सकती है रोक, जानिए क्या है GUARD Act

अमेरिका में राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए चीनी ह्यूमनॉइड और चार पैरों वाले AI रोबोट्स पर प्रतिबंध लगाने की दिशा में GUARD Act पेश किया गया है। सांसदों का मानना है कि इंटरनेट से जुड़े उन्नत रोबोट संवेदनशील डेटा और महत्वपूर्ण ढांचे के लिए संभावित सुरक्षा जोखिम बन सकते हैं।

Jul 26, 2026 - 17:13
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अमेरिका में चीनी AI रोबोट्स पर लग सकती है रोक, जानिए क्या है GUARD Act

UNITED NEWS OF ASIA. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और रोबोटिक्स के क्षेत्र में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच अमेरिका ने राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर बड़ा कदम उठाने की तैयारी की है। अमेरिकी सांसदों ने GUARD Act नामक एक नया विधेयक पेश किया है, जिसका उद्देश्य चीन में निर्मित उन्नत ह्यूमनॉइड और क्वाड्रुपेड (चार पैरों वाले) रोबोट्स के उपयोग को संवेदनशील क्षेत्रों में सीमित करना है।

यह प्रस्ताव अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की एनर्जी एंड कॉमर्स कमेटी की कम्युनिकेशंस एंड टेक्नोलॉजी सब-कमेटी में पेश किया गया। विधेयक के अनुसार, इंटरनेट से जुड़े ऐसे AI रोबोट, जो सरकारी कार्यालयों, सैन्य प्रतिष्ठानों, बिजली संयंत्रों, अस्पतालों या औद्योगिक इकाइयों में काम कर सकते हैं, भविष्य में सुरक्षा के लिए खतरा बन सकते हैं।

अमेरिकी सांसदों का मानना है कि चीन ने पहले कम कीमत वाले ड्रोन के जरिए वैश्विक बाजार में मजबूत पकड़ बनाई थी और अब वही रणनीति रोबोटिक्स क्षेत्र में अपनाई जा रही है। यदि ऐसे रोबोट व्यापक स्तर पर उपयोग में आते हैं तो वे केवल कार्य करने वाली मशीनें नहीं रहेंगे, बल्कि बड़ी मात्रा में संवेदनशील जानकारी भी एकत्र कर सकते हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार आधुनिक AI रोबोट कैमरा, माइक्रोफोन, सेंसर और अत्याधुनिक मैपिंग तकनीक से लैस होते हैं। यदि इनके सॉफ्टवेयर से छेड़छाड़ हो जाए या इन्हें दूर से नियंत्रित किया जाए, तो ये महत्वपूर्ण परिसरों की निगरानी कर सकते हैं या साइबर हमलों का माध्यम बन सकते हैं। इसी आशंका के चलते अमेरिका पहले से सुरक्षा उपाय मजबूत करने की दिशा में काम कर रहा है।

सुनवाई के दौरान एसोसिएशन फॉर अनक्रूड व्हीकल सिस्टम्स इंटरनेशनल (AUVSI) के अधिकारियों ने कहा कि सरकारी सहायता के कारण चीनी कंपनियां कम कीमत पर उन्नत रोबोट उपलब्ध करा रही हैं, जिससे वैश्विक बाजार में उनकी हिस्सेदारी लगातार बढ़ रही है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी कि इंटरनेट से जुड़े AI रोबोट किसी संवेदनशील परिसर के भीतर जाकर वास्तविक समय में जानकारी एकत्र करने और सिस्टम को प्रभावित करने में सक्षम हो सकते हैं।

बैठक में यह भी कहा गया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ने साइबर सुरक्षा की चुनौतियों को पहले से कहीं अधिक जटिल बना दिया है। ऐसे में अमेरिका को सुरक्षित और भरोसेमंद AI तकनीक विकसित करने के साथ-साथ अपने सहयोगी देशों—जापान, दक्षिण कोरिया, ताइवान, इजरायल, ऑस्ट्रेलिया और यूरोपीय देशों—के साथ मिलकर सुरक्षित रोबोटिक्स इकोसिस्टम तैयार करना चाहिए।

संसदीय समिति की बैठक में केवल रोबोटिक्स ही नहीं, बल्कि AI आधारित संचार नेटवर्क, ब्रॉडबैंड सुरक्षा और विदेशों से संचालित अवैध रोबोकॉल नेटवर्क जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई। विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में AI और रोबोटिक्स राष्ट्रीय सुरक्षा, औद्योगिक ढांचे और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर का अहम हिस्सा बनने वाले हैं। ऐसे में सुरक्षा मानकों को मजबूत करना और संभावित साइबर खतरों से पहले ही निपटने की रणनीति तैयार करना समय की आवश्यकता है।