Meta का नया AI मॉडल Muse Voice Transcribe, हिंदी समेत 70 से ज्यादा भाषाओं में करेगा रियल-टाइम टेक्स्ट ट्रांसक्रिप्शन

Meta ने Muse Voice Transcribe नाम का नया स्पीच-टू-टेक्स्ट AI मॉडल पेश किया है, जो आवाज को रियल-टाइम में टेक्स्ट में बदल सकता है। यह 70 से ज्यादा भाषाओं को सपोर्ट करता है, जिनमें हिंदी, तमिल, तेलुगु, मलयालम और कन्नड़ शामिल हैं। मॉडल एक से अधिक भाषाओं में होने वाली बातचीत को समझने के साथ 20 से ज्यादा वक्ताओं की आवाज पहचानने और एक घंटे से ज्यादा लंबी रिकॉर्डिंग को ट्रांसक्राइब करने में सक्षम बताया गया है।

Sep 4, 2026 - 08:41
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Meta का नया AI मॉडल Muse Voice Transcribe, हिंदी समेत 70 से ज्यादा भाषाओं में करेगा रियल-टाइम टेक्स्ट ट्रांसक्रिप्शन

UNITED NEWS OF ASIA. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI के क्षेत्र में तेजी से हो रहे विकास के बीच Meta ने नया स्पीच-टू-टेक्स्ट मॉडल Muse Voice Transcribe पेश किया है। यह मॉडल इंसान की आवाज को रियल-टाइम में टेक्स्ट में बदलने के लिए तैयार किया गया है। यानी यूजर जैसे-जैसे बोलता जाएगा, उसकी आवाज का टेक्स्ट स्क्रीन पर दिखाई देता जाएगा। इसके लिए पूरी रिकॉर्डिंग खत्म होने का इंतजार करने की जरूरत नहीं होगी। Meta के अनुसार, यह मॉडल खासतौर पर तेज ट्रांसक्रिप्शन और अलग-अलग भाषाओं में बातचीत को समझने की क्षमता के साथ विकसित किया गया है।

Muse Voice Transcribe की सबसे बड़ी खासियत इसका मल्टीलिंगुअल सपोर्ट है। Meta के मुताबिक यह 70 से ज्यादा भाषाओं को सपोर्ट करता है। भारत की कई प्रमुख भाषाएं भी इसमें शामिल हैं, जिनमें हिंदी, तमिल, तेलुगु, मलयालम और कन्नड़ प्रमुख हैं। यह सुविधा भारत जैसे बहुभाषी देश में काफी उपयोगी हो सकती है, जहां एक ही बातचीत के दौरान लोग अलग-अलग भाषाओं का इस्तेमाल करते हैं। मॉडल बातचीत में भाषा बदलने पर भी ट्रांसक्रिप्शन जारी रखने में सक्षम बताया गया है। उदाहरण के तौर पर अगर कोई व्यक्ति हिंदी में बात करते हुए अंग्रेजी में चला जाता है, तो मॉडल दोनों भाषाओं को समझकर टेक्स्ट तैयार कर सकता है।

Meta का दावा है कि Muse Voice Transcribe एक ही बातचीत में 20 से ज्यादा लोगों की आवाज पहचान सकता है। इसकी रियल-टाइम क्षमता मीटिंग, इंटरव्यू, बातचीत और दूसरी रिकॉर्डिंग के ट्रांसक्रिप्शन में उपयोगी हो सकती है। मॉडल एक घंटे से अधिक लंबी रिकॉर्डिंग को भी ट्रांसक्राइब कर सकता है और इसके लिए अलग से पोस्ट-प्रोसेसिंग की आवश्यकता नहीं होने की बात कही गई है।

Meta ने मॉडल की स्पीड के साथ सटीकता पर भी ध्यान दिया है। कंपनी के अनुसार आसान शब्दों और सामान्य बातचीत को यह तेजी से पहचान सकता है, जबकि कुछ जटिल शब्दों को प्रोसेस करने में थोड़ा अधिक समय लग सकता है। Meta के मुताबिक 1 सितंबर 2026 तक Muse Voice Transcribe एक स्पीच-टू-टेक्स्ट लीडरबोर्ड में पहले स्थान पर था।

Muse Voice Transcribe को Meta के Model API के जरिए इस्तेमाल किया जा सकता है। फिलहाल इसका उपयोग Mac के Meta AI और Muse Code में डिक्टेशन के लिए किया जा रहा है। Meta ने इसकी कीमत 3 डॉलर प्रति 1,000 ऑडियो मिनट निर्धारित की है, जो लगभग 0.18 डॉलर प्रति घंटे के बराबर बताई गई है। बहुभाषी उपयोगकर्ताओं के लिए यह मॉडल खास तौर पर महत्वपूर्ण हो सकता है, क्योंकि हिंदी और अंग्रेजी जैसी भाषाओं के बीच बातचीत के दौरान भी यह लगातार ट्रांसक्रिप्शन उपलब्ध कराने की क्षमता रखता है।