जन्माष्टमी पर पूरे छत्तीसगढ़ में शुष्क दिवस, मांस बिक्री पर भी प्रतिबंध, शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव की मांग पर सरकार का फैसला

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर 4 सितंबर को पूरे छत्तीसगढ़ में शुष्क दिवस घोषित किया गया है। इसके साथ ही नगरीय निकाय क्षेत्रों में पशुवध गृह और मांस बिक्री की दुकानों को बंद रखने का निर्णय लिया गया है। यह फैसला शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव की मांग पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा लिया गया है। सरकार के इस निर्णय को धार्मिक आस्था, सनातन परंपरा और जनभावनाओं के सम्मान से जोड़कर देखा जा रहा है।

Sep 4, 2026 - 08:51
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जन्माष्टमी पर पूरे छत्तीसगढ़ में शुष्क दिवस, मांस बिक्री पर भी प्रतिबंध, शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव की मांग पर सरकार का फैसला

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर छत्तीसगढ़ में 4 सितंबर को शुष्क दिवस घोषित किया गया है। इसके साथ ही प्रदेश के नगरीय निकाय क्षेत्रों में पशुवध गृह और मांस बिक्री की दुकानों को भी बंद रखने का निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में लिए गए इस निर्णय को प्रदेश की धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक परंपराओं और जनभावनाओं के सम्मान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया जा रहा है। यह फैसला स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव की मांग पर लिया गया है, जिन्होंने जन्माष्टमी पर्व की गरिमा को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री से इस संबंध में आग्रह किया था।

शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के समक्ष मांग रखते हुए कहा था कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर पूरे प्रदेश में शुष्क दिवस घोषित किया जाए और नगरीय निकाय क्षेत्रों में पशुवध गृह तथा मांस बिक्री की दुकानों को बंद रखा जाए। मुख्यमंत्री ने इस मांग को स्वीकार करते हुए 4 सितंबर को प्रदेशभर में शुष्क दिवस रखने का निर्णय लिया। साथ ही नगरीय निकाय क्षेत्रों में पशुवध गृह और मांस बिक्री की दुकानों को बंद रखने की व्यवस्था की गई है।

सरकार के इस निर्णय के बाद यादव समाज में भी उत्साह का माहौल है। भगवान श्रीकृष्ण को आराध्य मानने वाले यादव समाज के लिए जन्माष्टमी विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व रखती है। शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने समाज की भावनाओं के साथ ही प्रदेश की व्यापक जनभावनाओं को मुख्यमंत्री के समक्ष रखा था। निर्णय को जन्माष्टमी पर्व की धार्मिक गरिमा के अनुरूप बताया जा रहा है।

गजेंद्र यादव ने फैसले के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति, परंपरा और आस्था से जुड़ा पर्व है। भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और उनके संदेश से करोड़ों लोगों की आस्था जुड़ी हुई है। ऐसे अवसर पर जनभावनाओं का सम्मान करते हुए सरकार द्वारा लिया गया निर्णय स्वागत योग्य है।

शिक्षा मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक परंपराओं और जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए निर्णय ले रही है। उनके अनुसार जन्माष्टमी पर शुष्क दिवस और मांस बिक्री पर प्रतिबंध का फैसला इसी संवेदनशीलता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने धर्म, कर्म, सत्य और लोककल्याण का संदेश दिया है और जन्माष्टमी का पर्व श्रद्धा, भक्ति और गरिमा के साथ मनाया जाना चाहिए।

इस फैसले के बाद 4 सितंबर को प्रदेशभर में जन्माष्टमी के धार्मिक आयोजनों के बीच शराब बिक्री पर प्रतिबंध रहेगा। वहीं नगरीय निकाय क्षेत्रों में पशुवध गृह और मांस बिक्री की दुकानों के संचालन पर भी रोक रहेगी। सरकार के इस निर्णय को जन्माष्टमी पर्व की धार्मिक भावनाओं और परंपराओं के अनुरूप उठाया गया कदम बताया गया है।