साइबर ठगी के लिए बैंक खाता उपलब्ध कराने वाला आरोपी गिरफ्तार, 95.65 लाख रुपये के संदिग्ध लेन-देन का खुलासा
नारायणपुर पुलिस ने साइबर ठगी में इस्तेमाल किए जा रहे म्यूल बैंक अकाउंट उपलब्ध कराने के आरोप में मनोज निषाद को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में उसके बैंक खाते में दिसंबर 2024 से फरवरी 2025 के बीच 95.65 लाख रुपये से अधिक की संदिग्ध राशि के लेन-देन का पता चला है। आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। पुलिस ने लोगों से कमीशन या लालच के बदले अपना बैंक खाता, एटीएम और यूपीआई उपलब्ध नहीं कराने की अपील की है।
UNITED NEWS OF ASIA. संतोष मजुमदार, नारायणपुर l नारायणपुर पुलिस ने साइबर ठगी के मामलों में इस्तेमाल किए जा रहे म्यूल बैंक खातों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी साइबर ठगों को अपना बैंक खाता उपलब्ध कराकर ठगी की रकम के लेन-देन और निकासी में मदद कर रहा था। जांच के दौरान आरोपी के बैंक खाते में 95 लाख 65 हजार 134 रुपये की संदिग्ध राशि के लेन-देन का खुलासा हुआ है। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।
पुलिस के मुताबिक यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक संदीप पटेल के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अजय कुमार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ऐश्वर्य चंद्राकर तथा अनुविभागीय अधिकारी पुलिस नारायणपुर अजय सिंह के नेतृत्व में की गई। नारायणपुर पुलिस द्वारा साइबर अपराधियों के नेटवर्क और साइबर ठगी में इस्तेमाल होने वाले म्यूल बैंक खातों की पहचान कर लगातार कार्रवाई की जा रही है।
इसी अभियान के तहत थाना नारायणपुर में दर्ज अपराध क्रमांक 62/2026 की जांच के दौरान मनोज निषाद, पिता गुरूदत्त निषाद, उम्र 32 वर्ष, निवासी टीसीपीसी कॉलोनी, बंगला पारा, नारायणपुर को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 317(2), 317(5) और 318(4) के तहत कार्रवाई की जा रही है।
जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी के बैंक खाते से जुड़े लेन-देन की गहन पड़ताल की। पुलिस के अनुसार 20 दिसंबर 2024 से 14 फरवरी 2025 के बीच इस खाते में कुल 95,65,134 रुपये की संदिग्ध राशि का लेन-देन पाया गया। जांच में पुलिस को कथित तौर पर यह जानकारी मिली कि साइबर ठगी से प्राप्त रकम के लेन-देन और निकासी के लिए आरोपी ने अपना बैंक खाता उपलब्ध कराया था। इस वजह से खाते को साइबर ठगी की रकम को आगे भेजने या निकालने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले म्यूल अकाउंट के रूप में चिन्हित किया गया।
पुलिस ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर 3 सितंबर 2026 को मनोज निषाद को गिरफ्तार किया और न्यायालय में पेश किया। न्यायालय के आदेश के बाद आरोपी को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। मामले में पुलिस साइबर ठगी के नेटवर्क और बैंक खाते के इस्तेमाल से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।
नारायणपुर पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति के कहने पर कमीशन या किसी अन्य लालच के बदले अपना बैंक खाता, एटीएम, यूपीआई या अन्य बैंकिंग सुविधा इस्तेमाल के लिए उपलब्ध न कराएं। पुलिस ने चेताया है कि यदि किसी व्यक्ति के खाते का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम के लेन-देन में होता है, तो खाताधारक भी कानूनी कार्रवाई के दायरे में आ सकता है। पुलिस के अनुसार साइबर अपराधियों के साथ-साथ उनके लिए बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले म्यूल अकाउंट धारकों के खिलाफ भी कार्रवाई जारी रहेगी। साइबर ठगी की जानकारी मिलने पर नागरिक तत्काल 1930 हेल्पलाइन पर सूचना दे सकते हैं।