इस पहल का मुख्य उद्देश्य जिला मुख्यालय तक आने की जरूरत को कम करते हुए लोगों को उनके अपने थाना क्षेत्र में ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारी से सीधे मिलने का अवसर देना है। पुलिस अधीक्षक ने जनसुनवाई के दौरान पुलिस कार्रवाई, कानून-व्यवस्था, अपराध से जुड़े मामलों और स्थानीय समस्याओं की जानकारी ली। प्राप्त शिकायतों के संबंध में संबंधित अधिकारियों को नियमानुसार और समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
“एक थाना–एक सप्ताह” के दौरान संबंधित थाना क्षेत्र की कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण की भी समीक्षा की जाएगी। इसमें लंबित प्रकरणों, वारंटियों की तामीली, प्रतिबंधात्मक कार्रवाई, संवेदनशील क्षेत्रों और स्थानीय सुरक्षा व्यवस्था जैसे विषयों पर जानकारी ली जाएगी। इसके साथ ही थाना पुलिस की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाएंगे।
पहल के तहत महिला एवं बाल सुरक्षा, साइबर अपराध से बचाव, यातायात व्यवस्था, नशे और अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण जैसे विषयों को भी प्राथमिकता दी जाएगी। पुलिस अधीक्षक स्थानीय जनप्रतिनिधियों, ग्राम प्रमुखों और गणमान्य नागरिकों से संवाद कर क्षेत्र की जमीनी परिस्थितियों को समझेंगे, जिससे पुलिसिंग की बेहतर कार्ययोजना तैयार करने में मदद मिलेगी।
इस दौरान पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों की समस्याओं को भी सुना जाएगा। सहसपुर लोहारा थाना में पदस्थ पुलिसकर्मियों से विभागीय और कार्य संबंधी कठिनाइयों के साथ व्यक्तिगत समस्याओं पर भी चर्चा की गई। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि पुलिसकर्मियों का मनोबल और बेहतर कार्य वातावरण प्रभावी पुलिसिंग के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने अधिकारियों को आमजन की शिकायतों को संवेदनशीलता और गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र कुमार यादव ने कहा कि पुलिस का मूल उद्देश्य जनता की सुरक्षा, सम्मान और विश्वास बनाए रखना है। “एक थाना–एक सप्ताह” पहल के माध्यम से वरिष्ठ अधिकारी सीधे जनता के बीच पहुंचेंगे और थाना स्तर पर पुलिसिंग की वास्तविक स्थिति की समीक्षा करेंगे। इससे शिकायतों के निराकरण, अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
इस पहल का अगला चरण कुंडा थाना में होगा, जहां आगामी सप्ताह पुलिस अधीक्षक स्वयं उपस्थित रहेंगे। इसके बाद जिले के अलग-अलग थानों में इसी तरह जनसुनवाई और पुलिसिंग की समीक्षा की जाएगी। कबीरधाम पुलिस की यह पहल “पुलिस जनता के बीच और जनता पुलिस के करीब” की भावना को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।