रायपुर संभाग की तिमाही समीक्षा बैठक में व्यापारिक हितों और संगठन मजबूती का रोडमैप तैयार
छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज की रायपुर संभाग स्तरीय तिमाही समीक्षा एवं योजना बैठक चेम्बर भवन में आयोजित हुई। बैठक में संभाग की विभिन्न इकाइयों ने व्यापारिक समस्याओं, संगठन विस्तार और आगामी गतिविधियों पर चर्चा की। व्यापारियों की समस्याओं को शासन तक पहुंचाने, बाजारों की मूलभूत सुविधाएं सुधारने, जीएसटी कार्यशालाएं आयोजित करने और स्थानीय व्यापार को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l रायपुर में छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज की रायपुर संभाग स्तरीय तिमाही समीक्षा एवं योजना बैठक का आयोजन चेम्बर भवन में किया गया। प्रदेश अध्यक्ष सतीश थौरानी के मार्गदर्शन और प्रदेश कोषाध्यक्ष निकेश बरड़िया की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में रायपुर संभाग की विभिन्न इकाइयों के अध्यक्ष, पदाधिकारी, जिला उपाध्यक्ष और जिला मंत्री बड़ी संख्या में शामिल हुए। बैठक का उद्देश्य व्यापारिक हितों को मजबूत करने के साथ संगठन की जमीनी गतिविधियों और व्यापारियों की समस्याओं को सीधे प्रदेश नेतृत्व तक पहुंचाना रहा।
कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष एवं रायपुर संभाग प्रभारी जसप्रीत सिंह सलूजा ने कहा कि किसी भी संस्था की सबसे बड़ी ताकत उसकी सदस्यता होती है। उन्होंने कहा कि प्रदेश स्तर की बैठकों में बड़ी संख्या में सदस्य शामिल होते हैं, लेकिन प्रत्येक इकाई की स्थानीय गतिविधियों और समस्याओं की पूरी जानकारी सामने नहीं आ पाती। इसी उद्देश्य से पहली बार संभाग स्तरीय बैठक आयोजित की गई, ताकि प्रत्येक इकाई से सीधा संवाद स्थापित हो और अंतिम व्यापारी तक चेम्बर की बात पहुंचे। उन्होंने सभी इकाइयों से अप्रैल 2025 से अब तक आयोजित कार्यक्रमों की जानकारी चेम्बर कार्यालय को उपलब्ध कराने की अपील की, जिससे आगामी रणनीति तैयार की जा सके।
चेम्बर कार्यकारी अध्यक्ष राधाकिशन सुन्दरानी ने कहा कि छोटे व्यापारियों की समस्याओं का समाधान संगठन की प्राथमिकता होना चाहिए। उन्होंने व्यापारियों के स्वास्थ्य को भी महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि चेम्बर के माध्यम से रायपुर के विभिन्न अस्पतालों के साथ एमओयू किए गए हैं, जिसके तहत व्यापारी और उनके परिजन उपचार के दौरान निर्धारित मेडिकल छूट का लाभ ले सकते हैं।
कार्यकारी अध्यक्ष राजेश वासवानी ने कहा कि बैठक में विभिन्न इकाइयों ने अपनी समस्याएं खुलकर रखी हैं। इन समस्याओं को चेम्बर के माध्यम से शासन तक पहुंचाकर समाधान का प्रयास किया जाएगा। प्रदेश कोषाध्यक्ष निकेश बरड़िया ने कहा कि संभाग स्तरीय बैठकों के माध्यम से प्रदेश के अंतिम छोर के व्यापारियों की जमीनी समस्याएं सीधे नेतृत्व तक पहुंचेंगी। उन्होंने बाजारों में सड़क, बिजली, जल निकासी, पार्किंग और महिलाओं के लिए पिंक टॉयलेट जैसी सुविधाओं को बेहतर बनाने पर जोर दिया। साथ ही जीएसटी संबंधी सुझावों के लिए सीए एसोसिएशन से संपर्क करने और व्यापार में नई तकनीक को अपनाने की जरूरत बताई।
बैठक में धमतरी, सरायपाली, गरियाबंद, बलौदाबाजार और भाटापारा सहित विभिन्न इकाइयों के पदाधिकारियों ने अपनी गतिविधियों और समस्याओं की जानकारी दी। व्यापारियों ने ऑनलाइन बाजार से छोटे और खुदरा कारोबार पर पड़ रहे प्रभाव को लेकर चिंता जताई तथा स्थानीय व्यापार को बढ़ावा देने के लिए वोकल फॉर लोकल को जन-आंदोलन बनाने की आवश्यकता बताई। जीएसटी की तकनीकी समस्याओं के समाधान के लिए जिला स्तर पर कार्यशालाएं आयोजित करने, बाजारों में चिल्हर की कमी दूर करने और ट्रेड लाइसेंस से जुड़े मुद्दों को उचित स्तर पर उठाने पर भी सहमति बनी।
बैठक में सभी इकाइयों ने अप्रैल 2025 से अब तक की गतिविधियों की लिखित रिपोर्ट प्रस्तुत की और आगामी तीन महीनों के व्यापार संवर्धन कार्यक्रमों की रूपरेखा साझा की। संगठन को मजबूत बनाने में योगदान देने वाले पदाधिकारियों को शॉल भेंटकर सम्मानित भी किया गया। कार्यक्रम के अंत में व्यापारी वर्ग के अधिकार, सुरक्षा और समृद्धि के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प लिया गया। बैठक का संचालन मनीष प्रजापति ने किया और आभार अमरदास खट्टर ने व्यक्त किया।