देवभोग ब्रांड गुणवत्ता और विश्वास का प्रतीक, दुग्ध किसानों की आय बढ़ाने पर जोर: रामविचार नेताम

पशुधन विकास मंत्री रामविचार नेताम ने दुर्ग जिले के उरला कुम्हारी स्थित देवभोग दुग्ध संयंत्र में आयोजित दुग्ध किसान सम्मेलन में डेयरी क्षेत्र के विकास और दुग्ध उत्पादकों की आय बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने देवभोग को गुणवत्ता और विश्वास का प्रतीक बताते हुए उरला दुग्ध संयंत्र में नवीन कैंटीन का उद्घाटन किया। इस दौरान पशुपालकों के लिए तैयार मार्गदर्शिका पुस्तिकाओं, रेडियो जिंगल, रिंगटोन और प्रेरक गीत का विमोचन भी किया गया।

Sep 4, 2026 - 11:24
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देवभोग ब्रांड गुणवत्ता और विश्वास का प्रतीक, दुग्ध किसानों की आय बढ़ाने पर जोर: रामविचार नेताम

UNITED NEWS OF ASIA. दुर्ग l छत्तीसगढ़ के पशुधन विकास मंत्री रामविचार नेताम ने दुर्ग जिले के उरला कुम्हारी स्थित छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी दुग्ध महासंघ मर्यादित देवभोग द्वारा आयोजित दुग्ध किसान सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि देवभोग ब्रांड अपनी गुणवत्ता, शुद्धता और उपभोक्ताओं के विश्वास के कारण प्रदेश ही नहीं बल्कि देश में भी अपनी विशिष्ट पहचान बना रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य डेयरी क्षेत्र को आधुनिक, आत्मनिर्भर और प्रतिस्पर्धी बनाते हुए दुग्ध उत्पादक किसानों और पशुपालकों की आय में वृद्धि करना है।

कार्यक्रम के दौरान मंत्री रामविचार नेताम ने उरला स्थित दुग्ध संयंत्र में नवीन कैंटीन का उद्घाटन किया। इसके बाद उन्होंने दुग्ध संयंत्र की विभिन्न प्रणालियों का निरीक्षण किया और वहां की कार्यप्रणाली का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से संयंत्र की व्यवस्थाओं और दुग्ध प्रसंस्करण से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी भी ली। मंत्री ने डेयरी क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए आधुनिक व्यवस्थाओं और बेहतर कार्यप्रणाली को जरूरी बताया।

दुग्ध किसान सम्मेलन के दौरान पशुपालकों के लिए तैयार विशेष मार्गदर्शिका पुस्तिकाओं का विमोचन किया गया। इसके साथ ही देवभोग के रेडियो जिंगल, रिंगटोन और प्रेरक गीत का भी औपचारिक विमोचन हुआ। इन पहलों के माध्यम से पशुपालकों तक डेयरी और पशुपालन से संबंधित उपयोगी जानकारी पहुंचाने तथा उन्हें क्षेत्र की आधुनिक गतिविधियों से जोड़ने पर जोर दिया गया।

मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार डेयरी क्षेत्र को नई दिशा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। सरकार का लक्ष्य दुग्ध उत्पादन से लेकर संग्रहण, प्रसंस्करण और विपणन तक की पूरी व्यवस्था को मजबूत करना है, ताकि किसानों को बेहतर अवसर मिल सकें। उन्होंने कहा कि पशुपालन को ग्रामीण परिवारों के लिए आजीविका का मजबूत साधन बनाने के लिए दुग्ध संग्रहण केंद्रों, प्रसंस्करण सुविधाओं, विपणन नेटवर्क और तकनीकी सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है।

मंत्री ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि दुग्ध उत्पादकों और किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए डेयरी विकास से जुड़ी योजनाओं को प्रभावी ढंग से धरातल पर लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप देवभोग को देशभर में गुणवत्ता और विश्वास के प्रतीक के रूप में स्थापित करने की दिशा में काम किया जा रहा है। इसके लिए दुग्ध उत्पादों की गुणवत्ता बनाए रखने, आधुनिक उत्पादन व्यवस्था विकसित करने, विपणन नेटवर्क को मजबूत करने और किसानों की भागीदारी बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

उन्होंने उम्मीद जताई कि डेयरी क्षेत्र के विस्तार और बेहतर व्यवस्थाओं से दुग्ध उत्पादक किसानों की आय, आत्मनिर्भरता और आर्थिक समृद्धि को बढ़ावा मिलेगा। सम्मेलन में पशु चिकित्सा सेवाएं के संचालक चंद्रकांत वर्मा, छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी दुग्ध महासंघ के वरिष्ठ अधिकारी, राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में दुग्ध उत्पादक किसान और महिला पशुपालक उपस्थित रहे।