कोयलीबेड़ा में नक्सलियों के मंसूबों पर बड़ा प्रहार, जंगल से हथियार और विस्फोटकों का जखीरा बरामद
कांकेर जिले के कोयलीबेड़ा क्षेत्र में डीआरजी, बीएसएफ और पुलिस की संयुक्त टीम ने सर्चिंग अभियान के दौरान नक्सलियों के डम्प से बड़ी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद, बीजीएल सेल, डेटोनेटर और विस्फोटक सामग्री बरामद की। सुरक्षा कारणों से विस्फोटक सामग्री को मौके पर ही सुरक्षित तरीके से नष्ट कर दिया गया।
UNITED NEWS OF ASIA. रोहित देहारी, पखांजूर l छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत सुरक्षा बलों को एक बड़ी सफलता मिली है। थाना कोयलीबेड़ा क्षेत्र के ग्राम गटटाकाल और दरवीकोड़ो के बीच स्थित जंगल-पहाड़ी इलाके में संयुक्त सर्चिंग अभियान के दौरान नक्सलियों के छिपाकर रखे गए डम्प का पता चला। यहां से भारी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद, विस्फोटक सामग्री और अन्य नक्सली उपयोग का सामान बरामद किया गया। इस कार्रवाई को सुरक्षा बलों के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
यह अभियान पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज बद्री नारायण मीणा, बीएसएफ डीआईजी दीपक तिवारी, कांकेर पुलिस अधीक्षक निखिल राखेचा तथा 40वीं वाहिनी बीएसएफ के सेनानी रणधीर सिंह गिल के निर्देशन में संचालित किया गया। अभियान में जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी), सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), बम निरोधक दस्ते (बीडीएस) तथा स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम शामिल रही।
सर्चिंग के दौरान सुरक्षा बलों ने नक्सलियों द्वारा जंगल में छिपाकर रखे गए डम्प से एक यूबीजीएल, एक देशी कट्टा, दो यूबीजीएल सेल, दो एके-47 के कारतूस, .303 रायफल के 14 राउंड, एसएलआर के 99 राउंड, 8 एमएम के 21 राउंड, 9 एमएम पिस्टल के 23 राउंड, दो एके-47 मैगजीन, एक एसएलआर मैगजीन, 10 बीजीएल सेल, 10 बीजीएल राउंड, 20 डेटोनेटर, लगभग 10 किलोग्राम बारूद, एक बाइनाकुलर तथा अन्य नक्सली सामग्री बरामद की।
बरामद विस्फोटक सामग्री को देखते हुए सुरक्षा बलों ने तत्काल बम निरोधक दस्ते को सक्रिय किया। बीडीएस टीम ने सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए बीजीएल सेल, डेटोनेटर और बारूद को मौके पर ही सुरक्षित तरीके से डिफ्यूज कर नष्ट कर दिया, जिससे भविष्य में किसी भी संभावित खतरे को टाला जा सके।
अभियान में बीएसएफ, डीआरजी और कोयलीबेड़ा पुलिस के अधिकारियों एवं जवानों ने संयुक्त रूप से हिस्सा लिया। अभियान का नेतृत्व बीएसएफ के इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद बाना, थाना प्रभारी निर्मल जांगड़े, इंस्पेक्टर अनूज कुमार, उप निरीक्षक नवीन प्रकाश, उप निरीक्षक रजत जेफ, डीआरजी टीम कमांडर उकेश कोर्राम तथा एएसआई इत्तेफाक अहमद ने किया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में लगातार सर्चिंग अभियान चलाए जा रहे हैं, ताकि नक्सलियों की गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके और उनके हथियारों एवं रसद नेटवर्क को कमजोर किया जा सके। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इस तरह की कार्रवाई से नक्सली संगठन की संचालन क्षमता पर प्रभाव पड़ेगा और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत किया जा सकेगा।
कांकेर पुलिस ने बताया कि सीमावर्ती और संवेदनशील इलाकों में संयुक्त सर्चिंग अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा। सुरक्षा बल पूरी सतर्कता के साथ क्षेत्र में निगरानी बनाए हुए हैं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर त्वरित कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने यह भी कहा कि आम नागरिकों की सुरक्षा और क्षेत्र में स्थायी शांति बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। लगातार चल रहे ऐसे अभियानों से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होने के साथ-साथ स्थानीय लोगों में भी विश्वास बढ़ रहा है।