जर्जर स्कूल भवनों की मरम्मत और विद्यालय परिसरों में राजनीतिक गतिविधियों पर रोक की मांग, NSUI ने डीईओ को सौंपे दो ज्ञापन
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में NSUI ने जिला शिक्षा अधिकारी को दो अलग-अलग ज्ञापन सौंपकर जर्जर स्कूल भवनों की तत्काल मरम्मत और विद्यालय परिसरों में राजनीतिक गतिविधियों पर रोक लगाने की मांग की। संगठन ने विद्यार्थियों की सुरक्षा, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और अनुशासित शैक्षणिक वातावरण को प्राथमिकता देने की अपील की।
UNITED NEWS OF ASIA. अवास कैवर्त, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही l भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) ने जिले की शिक्षा व्यवस्था से जुड़े दो महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी को दो अलग-अलग ज्ञापन सौंपे। संगठन ने एक ओर जिले के जर्जर शासकीय विद्यालयों की तत्काल मरम्मत कराने की मांग की, वहीं दूसरी ओर विद्यालय परिसरों में बाहरी छात्र संगठनों द्वारा संचालित राजनीतिक गतिविधियों पर रोक लगाने की आवश्यकता बताई।
मरवाही विधानसभा अध्यक्ष आशीष श्रीवास के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया कि जिले के कई शासकीय विद्यालयों की स्थिति अत्यंत चिंताजनक है। विभिन्न स्कूलों के निरीक्षण के दौरान पाया गया कि कई भवनों की छतें क्षतिग्रस्त हैं, बरसात के समय उनमें पानी टपकता है और कई कक्ष जर्जर हो चुके हैं। कई विद्यालयों में शौचालय भी अनुपयोगी स्थिति में हैं, जिससे विद्यार्थियों और शिक्षकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
संगठन ने कहा कि बरसात के मौसम में ऐसी स्थिति विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकती है। इसलिए प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक विद्यालयों के भवनों, अतिरिक्त कक्षों, शौचालयों तथा अन्य आधारभूत सुविधाओं की मरम्मत प्राथमिकता के आधार पर कराई जानी चाहिए। यदि समय रहते आवश्यक कार्य नहीं किए गए तो विद्यार्थियों की पढ़ाई और सुरक्षा दोनों प्रभावित होंगी।
दूसरे ज्ञापन में NSUI ने विद्यालय परिसरों में कथित रूप से संचालित राजनीतिक गतिविधियों पर चिंता व्यक्त की। संगठन का कहना है कि विद्यालय शिक्षा और व्यक्तित्व निर्माण के केंद्र होते हैं, इसलिए यहां किसी भी प्रकार की राजनीतिक गतिविधियों का संचालन विद्यार्थियों के शैक्षणिक माहौल को प्रभावित करता है। ज्ञापन में मांग की गई कि सभी हाई और हायर सेकेंडरी विद्यालयों के प्राचार्यों को स्पष्ट निर्देश जारी किए जाएं कि किसी भी बाहरी छात्र संगठन को विद्यालय परिसर में सदस्यता अभियान, शुल्क संग्रह या अन्य राजनीतिक गतिविधियों की अनुमति न दी जाए।
संगठन ने यह भी सुझाव दिया कि यदि किसी संगठन को विद्यार्थियों से संपर्क करना आवश्यक हो, तो यह प्रक्रिया विद्यालय परिसर के बाहर और प्रशासन की अनुमति के अनुरूप ही हो। साथ ही विद्यालयों के भीतर अनुशासित, निष्पक्ष और अध्ययन-केंद्रित वातावरण बनाए रखने के लिए प्रभावी निगरानी व्यवस्था लागू की जाए।
आशीष श्रीवास ने कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और स्वस्थ शैक्षणिक वातावरण से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि शिक्षा संस्थानों का उद्देश्य केवल पढ़ाई और विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास होना चाहिए। इसलिए विद्यालयों के जर्जर भवनों की शीघ्र मरम्मत कराना और उन्हें राजनीतिक गतिविधियों से मुक्त रखना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
NSUI ने जिला शिक्षा अधिकारी से दोनों ज्ञापनों पर गंभीरता से विचार करते हुए शीघ्र आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि जिले के हजारों विद्यार्थियों को सुरक्षित, व्यवस्थित और बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।