गांवों के समग्र विकास से ही विकसित छत्तीसगढ़ का सपना होगा साकार : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों की समीक्षा बैठक में ग्राम पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने, विकसित भारत जी राम जी योजना, पीएम आवास, पीएम सूर्यघर योजना और लखपति दीदी अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया। उन्होंने योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने और जनभागीदारी आधारित ग्रामीण विकास मॉडल अपनाने के निर्देश दिए।

Jul 28, 2026 - 17:36
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गांवों के समग्र विकास से ही विकसित छत्तीसगढ़ का सपना होगा साकार : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि विकसित छत्तीसगढ़ का सपना तभी साकार होगा, जब गांव आत्मनिर्भर बनेंगे और ग्राम पंचायतें सामाजिक परिवर्तन एवं आर्थिक विकास की मजबूत इकाई के रूप में कार्य करेंगी। उन्होंने अधिकारियों से योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ यह सुनिश्चित करने को कहा कि शासन की प्रत्येक योजना का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।

नवा रायपुर स्थित एसआईआरडी परिसर, निमोरा में आयोजित जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक एवं कार्यशाला को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्राम पंचायतों को केवल योजनाओं के क्रियान्वयन तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। उन्हें ग्रामीण अर्थव्यवस्था, सामाजिक भागीदारी और आत्मनिर्भरता का केंद्र बनाया जाना आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों से संवेदनशीलता, पारदर्शिता और सेवा भावना के साथ कार्य करने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत जी राम जी योजना ग्रामीण विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। इस योजना के माध्यम से रोजगार सृजन, स्थायी परिसंपत्तियों के निर्माण, जल संरक्षण, कृषि विकास और ग्रामीण अधोसंरचना को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

बैठक में जल संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के वैज्ञानिक प्रबंधन पर विशेष जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने प्रत्येक जिले में स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप वर्षा जल संचयन, भूजल संवर्धन और मृदा संरक्षण की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास केवल भवन निर्माण तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन और प्राकृतिक संसाधनों के समुचित उपयोग से ही स्थायी विकास संभव है।

महिला सशक्तिकरण का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में अब तक 10.40 लाख से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। अब उन्हें कौशल विकास, स्वरोजगार और उद्यमिता से जोड़कर बड़ी संख्या में करोड़पति दीदी बनाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने अधिकारियों से पात्र महिलाओं की पहचान कर उन्हें स्व-सहायता समूहों और आजीविका गतिविधियों से जोड़ने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने बस्तर संभाग के अधिकारियों को दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में विकास कार्यों को प्राथमिकता देने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि सड़क, बिजली, आवास, पेयजल, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाएं अंतिम गांव तक पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

प्रधानमंत्री आवास योजना और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन पर भी मुख्यमंत्री ने विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि पात्र हितग्राहियों को बिना विलंब लाभ मिले तथा पंचायत स्तर पर प्रभावी निगरानी व्यवस्था विकसित की जाए। इसके साथ ही प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार कर अधिक से अधिक परिवारों को सौर ऊर्जा से जोड़ने पर भी बल दिया।

कार्यशाला में पद्मश्री पोपटराव पवार ने हिवड़े बाजार मॉडल का अनुभव साझा करते हुए जनभागीदारी, जल संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के बेहतर उपयोग से ग्रामीण विकास की सफलता का उदाहरण प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप अपने-अपने जिलों में आदर्श विकास मॉडल तैयार करने का आह्वान किया।

बैठक में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, अपर मुख्य सचिव ऋचा शर्मा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव भीम सिंह, संचालक प्रियंका ऋषि महोबिया, सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी अमरजीत सिन्हा, प्रदेश के सभी जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी तथा संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनभागीदारी, पारदर्शिता और सुशासन के माध्यम से ही विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।